अणुव्रत समिति–चलथान द्वारा गणतंत्र दिवस पर प्रेरणादायी व्याख्यानमाला
“भारत के विकास में अणुव्रत की भूमिका” विषय पर सार्थक आयोजन

चलथान।अणुव्रत समिति–चलथान के सौजन्य से 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर पी. एस. श्रीमाली विद्यालय,अंतरोली में “भारत के विकास में अणुव्रत की भूमिका” विषय पर एक प्रेरणादायी एवं सार्थक व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अणुव्रत समिति–चलथान के अध्यक्ष कांता बाबुभाई नौलखा के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजेश सुराणा ने अपने विचारोत्तेजक उद्बोधन में गणतंत्र और अणुव्रत को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए कहा कि सशक्त भारत का निर्माण केवल संवैधानिक व्यवस्थाओं से नहीं, बल्कि चरित्रवान, संयमित एवं नैतिक नागरिकों से होता है। उन्होंने अणुव्रत आंदोलन के सिद्धांत—आत्मसंयम, सत्य, अहिंसा एवं नैतिकता—को विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए सरल एवं प्रेरक रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की शोभा मुख्य अतिथि नीतू सिंह एवं विशिष्ट अतिथि विमल लोढा की गरिमामयी उपस्थिति से और अधिक बढ़ गई। इसके अतिरिक्त विनोद खाबिया, रतनलाल भलावत, संजय बाफना, कल्पना बच्छावत सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। व्याख्यानमाला में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया।
इस अवसर पर अणुव्रत समिति–चलथान द्वारा अतिथियों का सम्मान किया गया तथा विद्यालय को अणुव्रत आचार संहिता का पट्ट भेंट किया गया, जो नैतिक मूल्यों के प्रति समिति की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम का गरिमामय एवं प्रभावशाली मंच संचालन गौतम दवे द्वारा किया गया तथा अंत में आभार ज्ञापन बाबूभाई नौलखा ने किया।



