.आलोक अग्रवाल हत्याकांड में एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज, दूसरे ने आवेदन वापस लिया

सूरत। लिम्बायत क्षेत्र में चर्चित आलोक अग्रवाल हत्याकांड में कोर्ट ने मुख्य आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। वहीं, दूसरे आरोपी ने अपनी जमानत अर्जी वापस ले ली। इस फैसले के बाद मामले ने फिर से सुर्खियां बटोर ली हैं।
लिम्बायत इलाके में वाटिका टाउनशिप शॉपिंग सेंटर के पास अज्ञात हमलावरों ने आलोक जिंदाराम अग्रवाल पर चाकू और धारदार हथियारों से हमला किया था। भीड़भाड़ वाले इलाके में आरोपियों ने मात्र 86 सेकंड में आलोक पर 46 से अधिक वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। इस निर्मम हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद शहरभर में आक्रोश फैल गया था।
घटना के बाद पुलिस ने हत्याकांड में शामिल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है।
न्यायिक हिरासत में बंद मुख्य आरोपी गुफरान शेख और अस्फाक कौआ ने नियमित जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन किया था। सुनवाई के दौरान मूल शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता नरेश गोहिल ने जमानत का विरोध करते हुए हलफनामा पेश किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि आरोपियों ने बेहद नृशंस तरीके से 86 सेकंड में 46 वार कर हत्या की थी।
इसके अलावा, शहर के विभिन्न पुलिस थानों में आरोपियों के खिलाफ 48 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें लूट, मारपीट, धमकी, जुआ, चोरी, ड्रग्स की तस्करी और पासा एक्ट जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
सभी दलीलों और अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी गुफरान शेख की जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद आरोपी अस्फाक कौआ ने अपनी जमानत अर्जी वापस ले ली



