तेरापंथ महिला मंडल पर्वत पाटिया द्वारा जप संग तुलसी अभ्यर्थना का आयोजन

सूरत। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में पर्वत पाटिया तेरापंथ महिला मंडल द्वारा आचार्य श्री तुलसी के 100वें दीक्षा दिवस के उपलक्ष्य में जप एवं तुलसी अभ्यर्थना कार्यक्रम का आयोजन तेरापंथ भवन में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत नमस्कार महामंत्र से हुई, जिसके बाद मधुर तुलसी गीत के साथ महिलाओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।
महिला मंडल अध्यक्ष सुमन बैद ने स्वागत भाषण में कहा कि “महिलाओं के विकास का मार्ग गुरुदेव ने ही प्रशस्त किया है। ‘नया मोड़’ ने हमें मंच प्रदान किया, जिससे समाज, शिक्षा और राजनीति—हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिला।”
परामर्शक कुसुम बोथरा ने आचार्य श्री तुलसी के प्रेरक जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मात्र ग्यारह वर्ष की आयु में उन्होंने संयम मार्ग अपनाया और बाइस वर्ष की उम्र में तेरापंथ धर्मसंघ के नवें आचार्य बने। इकसठ वर्षों तक उन्होंने धर्मसंघ को ऊर्जामय नेतृत्व प्रदान किया।
ज्ञानशाला मुख्य प्रशिक्षिका खुशबू पींचा ने आचार्य श्री के कर्तृत्व, उनके अवदान और ज्ञानशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में कार्यकारिणी सदस्य राजू देवी बोथरा, सुनीता पारख, प्रेरणा बोथरा एवं रेखा पुगलिया ने कविता और गीतिका के माध्यम से अपने भावों की मनोहारी प्रस्तुति दी।
इसके पश्चात तुलसी स्लोगन प्रतियोगिता के प्रथम, द्वितीय और तृतीय विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। साथ ही महिला मंडल द्वारा आयोजित जीव-अजीव प्रश्नोत्तरी 2, 3, 4, 5 के सभी विजेताओं का सम्मान भी किया गया। प्रतियोगिता के संयोजक एवं प्रायोजक को भी महिला मंडल ने सम्मानित किया।
आगम प्रभारी कुसुम जी बोथरा ने वर्ष 2023-24 के प्रमाणपत्र वितरित किए और सभी को नियमित रूप से आगम अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
महिला मंडल मंत्री मधु झाबक ने आचार्य श्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सभी उपस्थित बहनों का आभार माना।कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यकारिणी सदस्य प्रिया पुगलिया ने किया।पूरे कार्यक्रम में बहनों की उपस्थिति उत्साहजनक और सराहनीय रही।



