सूरत में श्री राम कथा का छठा दिवस: पारिवारिक मूल्यों और भक्ति का अनुपम संदेश

सूरत।शहर में आयोजित भव्य श्री राम कथा के छठे दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा व्यास ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंगों के माध्यम से परिवार, समाज और संस्कारों को दिशा देने वाले गूढ़ संदेश दिए। कथा श्रवण के दौरान पूरा पंडाल भक्तिरस में डूबा नजर आया।
कथा के दौरान सास–बहू के पवित्र रिश्ते पर विशेष प्रकाश डाला गया। व्यास जी ने कहा कि यदि यह संबंध प्रेम, सम्मान और समझदारी पर आधारित हो, तो पूरा परिवार सुखी और संस्कारवान बनता है। सास को मां के समान मार्गदर्शक और बहू को बेटी की तरह अपनाने से घर में सद्भाव और शांति बनी रहती है।

कथा में बेटों के माता–पिता के प्रति कर्तव्यों पर भी भावपूर्ण प्रवचन हुआ। व्यास जी ने कहा कि माता–पिता की सेवा, सम्मान और आज्ञा का पालन करना हर संतान का परम धर्म है। जो पुत्र अपने माता–पिता की निष्ठापूर्वक सेवा करता है, उसके जीवन में भगवान श्रीराम स्वयं कृपा बरसाते हैं।
छठे दिवस का प्रमुख आकर्षण केवट प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन रहा। केवट की निष्काम भक्ति, प्रेम और समर्पण ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। प्रभु श्रीराम के चरण धोकर उन्हें नौका में बैठाने का प्रसंग यह संदेश देता है कि सच्ची भक्ति में न कोई लोभ होता है और न ही स्वार्थ।कथा के छठे दिन ने श्रोताओं को भक्ति, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों का अमूल्य संदेश दिया। अंत में भजन-कीर्तन और महाआरती के साथ कथा का भावपूर्ण समापन हुआ।




