सूरत में मानवता की मिसाल: 108 कर्मियों ने दुर्घटना पीड़ित के 9 लाख के आभूषण ईमानदारी से लौटाकर जीता विश्वास

सूरत। शहर में 108 आपातकालीन सेवा के कर्मचारियों ने ईमानदारी और मानवीयता की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक के करीब 9 लाख रुपये के आभूषण और मोबाइल फोन उसके परिजनों को सुरक्षित लौटाए। उनके इस कार्य ने फिर सिद्ध किया कि 108 सेवा केवल जीवनरक्षक ही नहीं, बल्कि समाज में भरोसा और मूल्यों को मजबूत बनाने वाली सेवा है।
जानकारी के अनुसार, इच्छापोर–मगदल्ला रोड पर बुलेट बाइक और पिकअप वैन की टक्कर की सूचना सुबह 10:31 बजे 108 एंबुलेंस ICU-भाठा टीम को मिली। EMT जिग्नेश और पायलट अशोक महज 6 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने पाया कि बुलेट सवार 22 वर्षीय मौलिक रसिक वडोदरिया गंभीर रूप से घायल थे, जिनके हाथ और कंधे में गहरी चोटें आई थीं। टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार दिया और डॉक्टर के मार्गदर्शन में दवाइयां देकर उन्हें नई सिविल अस्पताल पहुंचाया।
घायल युवक के पास एक सोने की चेन, तीन सोने की अंगूठियां, सोने की घड़ी, दो मोबाइल फोन और बुलेट की चाबी सहित करीब 9 लाख रुपए का कीमती सामान मिला था। 108 टीम ने यह सभी वस्तुएं सुरक्षित रखीं और अस्पताल पहुंचने पर युवक के रिश्तेदार वासु लाठिया को दस्तावेजी प्रक्रिया के साथ सौंप दीं।परिवार ने 108 कर्मियों की ईमानदारी, तत्परता और संवेदनशीलता की दिल से सराहना की। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि 108 सेवा केवल आपातकालीन सहायता नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों की सच्ची वाहक भी है।




