प्रॉपर्टी कार्ड मुद्दे पर कलेक्टर सख़्त, सिटी सर्वे अधिकारियों को तलब
वर्षों से लंबित मामलों की फाइलों के साथ उपस्थित रहने के कड़े निर्देश

सूरत।शहर में प्रॉपर्टी कार्ड प्रक्रिया में हो रही लापरवाही और नागरिकों की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सूरत जिला कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रॉपर्टी कार्ड जारी करने में हो रही देरी और जटिलताओं के स्थायी समाधान के लिए कलेक्टर ने सिटी सर्वे कार्यालय के सभी जिम्मेदार अधिकारियों की आपात बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में वर्षों से लंबित सभी मामलों का पूरा डेटा और संबंधित फाइलें साथ लेकर उपस्थित रहने का सख़्त आदेश दिया गया है।
शहर में कई ऐसी संपत्तियां हैं, जिनका नॉन एग्रीकल्चर (NA) और प्लान पास होने के बावजूद वर्षों से सिटी सर्वे में प्रॉपर्टी कार्ड नहीं बन पाया है। इस लापरवाही के चलते संपत्ति मालिकों को खरीद–फरोख्त और दस्तावेज़ी प्रक्रिया में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों से लोन लेने में तकनीकी अड़चनों के कारण लोन स्वीकृत नहीं हो पा रहा है, जिससे वैध स्वामित्व अधिकार के लिए नागरिकों को भटकना पड़ रहा है।
इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कलेक्टर ने सिटी सर्वे अधिकारियों को तलब कर उनसे देरी के ठोस कारण प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि वर्षों से मामलों के लंबित रहने के पीछे की वास्तविक वजहों का विस्तृत विवरण बैठक में रखा जाए। कलेक्टर स्तर पर जिन समस्याओं का निपटारा संभव है, उन्हें वहीं सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, जिन मुद्दों के समाधान के लिए नीतिगत या नियमों में बदलाव की आवश्यकता होगी, उनके लिए विधिवत प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
इस कड़े कदम से लंबे समय से प्रॉपर्टी कार्ड को लेकर परेशान संपत्ति मालिकों में जल्द न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
बैठक के प्रमुख एजेंडा और संभावित कदम
-फाइलें किस टेबल पर और किन कारणों से अटकी हैं, इसकी विस्तृत जांच।
-प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाकर समय-सीमा में फाइलों का निपटारा।
-जिन नियमों या नीतियों में संशोधन आवश्यक है, उनके लिए राज्य सरकार को तत्काल प्रस्ताव भेजना।
-सिटी सर्वे कार्यालय में भ्रष्टाचार या जानबूझकर किए जा रहे विलंब पर सख़्त अंकुश लगाने की कार्ययोजना



