प.पू. रत्नसुंदरसूरीश्वरजी म.सा. की 500वीं पुस्तक का विमोचन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों से होगा विमोचन, मुंबई में 6 दिवसीय ‘ऊर्जा महोत्सव’

सूरतधर्म, अध्यात्म और साहित्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अवसर आने जा रहा है। पद्मभूषण से सम्मानित परम् पूज्य आचार्य भगवान श्रीमद् विजय रत्नसुंदरसूरीश्वरजी महाराज साहेब की 500वीं पुस्तक का भव्य विमोचन भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शुभ कर-कमलों से किया जाएगा। यह ऐतिहासिक आयोजन मुंबई के मुलुंड क्षेत्र में 7 जनवरी से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले 6 दिवसीय ‘ऊर्जा महोत्सव’ के अंतर्गत संपन्न होगा।
इस महोत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। आयोजकों के अनुसार, पूज्य गुरुदेव द्वारा रचित 500 पुस्तकों का सृजन भारत की साहित्यिक और आध्यात्मिक धरोहर है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना गौरव की बात है।
विमोचित होने वाली पुस्तक का नाम ‘प्रेम का विश्व, विश्व का प्रेम’ है। आयोजन स्थल RCGF, आर मॉल के पास, एलबीएस मार्ग, मुलुंड (वेस्ट), मुंबई रहेगा। इस महोत्सव का आयोजन ऊर्जा महोत्सव समिति एवं रत्नत्रयी ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है।
कार्यक्रम में देशभर से 700 से अधिक साधु-साध्वी भगवंतों की उपस्थिति रहेगी। साथ ही धर्म और आधुनिक तकनीक के संगम को दर्शाते हुए कई विशेष आकर्षण प्रस्तुत किए जाएंगे। इनमें पालिताणा की 500वीं ध्वजा के उपलक्ष्य में 50 फीट ऊंची आदिनाथ दादा की भव्य प्रतिमा, जय तलेटी (पालिताणा) की प्रतीकात्मक रचना तथा जैन समाज में पहली बार आचार्यश्री के जीवन और कृतित्व को दर्शाने वाला अत्याधुनिक इमर्सिव ज़ोन शामिल है।




