
सूरत: कृषि उत्पादकों, व्यापारियों और श्रमिकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सूरत कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) ने एक नया इतिहास रच दिया है। शनिवार को मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के सबसे बड़े और पहले एलिवेटेड मार्केट यार्ड का लोकार्पण किया। यह अत्याधुनिक मार्केट यार्ड इस तरह से निर्मित है कि भारी वाहन सीधे पहले माले तक जा सकें, जिसके लिए टू-वे रैंप की सुविधा दी गई है।
डुंभाल स्थित एपीएमसी सरदार मार्केट में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी के अधिकतम उपयोग से किसानों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। “सहकार से समृद्धि” के मंत्र के साथ सहकारी क्षेत्र को मजबूत किया गया है, जिससे किसानों की आय और जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1951 में मात्र 15 हजार रुपये की आय से शुरू हुई सूरत एपीएमसी आज सहकारिता के वटवृक्ष में परिवर्तित हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से कृषि उत्पादन, सस्टेनेबिलिटी और बाजार तक पहुंच को मजबूत किया जा रहा है। राज्य सरकार प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए एआई आधारित सिस्टम भी विकसित कर रही है। हाल ही में बेमौसम बारिश के बाद घोषित 10 हजार करोड़ रुपये का कृषि सहायता पैकेज किसानों के लिए संजीवनी साबित हुआ है।
कृषि एवं सहकार मंत्री श्री जीतुभाई वाघाणी ने कहा कि सूरत एपीएमसी राज्य का सबसे अधिक कमाई करने वाला मार्केट यार्ड है, जो सहकारिता की शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने बताया कि आधुनिक सुविधाओं, पारदर्शी व्यवस्था और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से किसानों को उचित मूल्य और सुरक्षा मिल रही है।कार्यक्रम में एपीएमसी के चेयरमैन श्री संदीपभाई देसाई ने बताया कि एलिवेटेड मार्केट यार्ड में 100 फीट चौड़ा रैंप, 108 हाईटेक दुकानें, पार्किंग, लिफ्ट, मुफ्त प्राथमिक उपचार केंद्र और बीज वितरण केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे किसानों और व्यापारियों को बड़ा लाभ मिलेगा।




