कथा को श्रवण कर उसे आत्मसात करना चाहिए-संत कृपाराम महाराज
“रामजी रो नाम म्होने मिठो घणो” —

सूरत।
सूरत।श्री गुरु कृपा सेवा समिति द्वारा आयोजित श्री राम कथा के दूसरे दिन सोमवार को गोडादरा क्षेत्र स्थित आरण्य के पास मरुधरा मैदान में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। राजाराम महाराज की सानिध्यता में व्यासपीठ से कृपाराम महाराज ने श्री राम कथा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रोताओं को भक्ति और विनम्रता का संदेश दिया।
कथावाचन के दौरान कृपाराम महाराज ने शंकर भगवान द्वारा माता सती के साथ कुंभज मुनि के आश्रम में राम कथा श्रवण हेतु जाने का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि जैसे शंकर भगवान कैलाश पर्वत से नीचे उतरे, वैसे ही हमें भी अहंकार रूपी पर्वत से नीचे उतरकर कथा का श्रवण करना चाहिए और उसे अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।
महाराज ने आगे वन में शंकर भगवान को श्री राम के दर्शन तथा माता सती द्वारा सीता का वेश धारण कर श्री राम की परीक्षा लेने की कथा का मार्मिक वर्णन किया। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने बताया कि श्री राम ने संपूर्ण संसार को नारी सम्मान का आदर्श सिखाया।
कथावाचन में शंकर भगवान के समाधि में चले जाने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कृपाराम महाराज ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को रात में सोने से पहले और सुबह जागने के बाद राम नाम का स्मरण अवश्य करना चाहिए।
कथा के बीच-बीच में महाराज द्वारा प्रस्तुत भजनों — “मीठो घणो लागे… प्यारो घणो लागे… रामजी रो नाम म्होने मिठो घणो लागे” ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। भजनों की मधुर प्रस्तुति पर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु नाचते-झूमते नजर आए और पूरा वातावरण राममय हो




