गूंजे माताजी के जयकारे, हुआ शाकम्भरी माता का भव्य गुणगान
भजन संध्या, मंगल पाठ एवं नृत्य नाटिका के साथ 15वां प्राकट्य उत्सव सम्पन्न

सूरतधर्मनगरी सूरत में माँ शाकम्भरी सेवा समिति द्वारा 15वें वार्षिक प्राकट्य उत्सव के उपलक्ष्य में रविवार, 28 दिसंबर को श्री शाकम्भरी मंगल पाठ एवं भजन संध्या का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सीटीलाइट स्थित अग्रसेन पैलेस के पंचवटी हॉल में दोपहर 2:15 बजे से श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में प्रारंभ हुआ।
समिति अध्यक्ष जितेन्द्र चिरानिया ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य यजमान अजय बिरोलिया द्वारा माताजी के दरबार के समक्ष अखंड ज्योत प्रज्ज्वलन के साथ की गई। इसके पश्चात सूरत के भजन गायक श्रीराम चिरानिया एवं मिहिर अग्रवाल ने “भजन मुझे तेरा ही सहारा माँ” सहित अन्य भक्तिमय प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंगल पाठ की भावपूर्ण प्रस्तुति श्रीमती सुरभि बिरजुका द्वारा नृत्य नाटिका के माध्यम से की गई। “मंगल भवन अमंगल हारी, शाकम्भरी नाम है हितकारी, कौन सो संकट है जग माहि, जो मेरी मैया मेट ना पाई” जैसी मंगल चोपाइयों पर आधारित प्रस्तुति ने समूचे वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।

समिति उपाध्यक्ष महेश खेतान ने बताया कि माताजी का नयनाभिराम दरबार कोलकाता के विशेष कारीगरों द्वारा शाकम्भरी धाम (राजस्थान) की तर्ज पर सजाया गया था, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। समिति के पवन गुप्ता एवं ललित मित्तल ने जानकारी दी कि मंगल पाठ के दौरान मैया जी का खजाना (लकी ड्रॉ) खोला गया, जिसमें चांदी के सिक्के प्रदान किए गए।
इस अवसर पर विमल चिरानिया, सुरेंद्र चिरानिया, दिनेश चौधरी, नरेश बिरोलिया, सत्यनारायण अग्रवाल, सौरभ बंसल, राजीव धानुका, शंकर चिरानिया, मुरारी बिरोलिया, कैलाश अग्रवाल, रवि मोदी, संदीप शाह, प्रदीप चिरानिया, विश्वनाथ पचेरिया सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में माताजी के जयकारों और भक्ति संगीत से वातावरण पूर्णतः धर्ममय बना रहा।




