सूरत नगर निगम की ई-व्हीकल पॉलिसी से प्रभावित हुए नितिन गडकरी
इलेक्ट्रिक ट्रक–बसों पर बड़ा बयान • नवसारी–भरूच एक्सप्रेस वे सड़क 31 दिसंबर तक खुलने की घोषणा

मेयर दक्षेश मावाणी ने किम के पास के काम को जल्द पूरा करने की रखी मांग, लोगों को ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
सूरत। दो दिवसीय गुजरात दौरे पर आए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी गुरुवार को गांधीनगर से सूरत पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर मेयर दक्षेश मावाणी, शहर भाजपा अध्यक्ष परेश पटेल और नगर निगम के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
मेयर ने उन्हें सूरत नगर निगम की ई-व्हीकल पॉलिसी और शहर में तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों की जानकारी दी। बताया गया कि गुजरात में सबसे अधिक ई-व्हीकल सूरत में हैं—जो शहर के कुल वाहनों का लगभग 35 प्रतिशत है। देश में किसी शहर द्वारा स्वतंत्र रूप से लागू की गई इस पॉलिसी की गडकरी ने विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि सूरत की यह पहल देश के लिए एक मॉडल है।
गडकरी ने आगे कहा कि आने वाले वर्षों में सड़क परिवहन में बड़ा बदलाव आने वाला है और देशभर में इलेक्ट्रिक ट्रक एवं इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बड़े पैमाने पर शुरू किया जाएगा। “हमारा लक्ष्य दुनिया की सर्वश्रेष्ठ तकनीक को भारत लाना और जनसुविधा के लिए उसका अधिकतम उपयोग करना है,” उन्होंने कहा।

केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे (नेशनल एक्सप्रेस हाईवे-1) के कार्यों की समीक्षा करते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। गडकरी ने कहा कि नवसारी से भरूच तक का एक्सप्रेसवे हिस्सा 31 दिसंबर तक जनता के लिए खोल दिया जाएगा। यह निर्णय रोजाना इस मार्ग पर यात्रा करने वालों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा।
इस दौरान मेयर दक्षेश मावाणी ने मंत्री से किम (KIM) के पास चल रहे निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि इस कार्य के कारण यात्रियों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। गडकरी ने आश्वासन दिया कि लंबित हिस्सों को तेजी से पूरा कराया जाएगा और एक्सप्रेसवे को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और हाई-टेक बनाने के लिए नए नवाचार भी लागू किए जाएंगे।सूरत की ई-व्हीकल नीति, तकनीकी अग्रसरता और एक्सप्रेसवे कार्यों की समीक्षा के साथ गडकरी का यह दौरा शहर के लिए कई महत्वपूर्ण संदेश और उम्मीदें लेकर आया।




