चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा MSME इकाइयों के लिए ‘कॉस्ट एंड कॉम्पिटिटिवनेस’ विषय पर कार्यशाला आयोजित

सूरत : द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा शुक्रवार, 7 नवंबर को सारसाणा स्थित SIECC कैंपस में ‘कॉस्ट एंड कॉम्पिटिटिवनेस’ विषय पर MSME इकाइयों के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर नई दिल्ली से MSME मंत्रालय की निदेशक सुश्री अंकिता पांडे और अहमदाबाद स्थित MSME डेवलपमेंट एंड फैसिलिटेशन ऑफिस के जॉइंट डायरेक्टर श्री मनोज कुमार वत्स विशेष रूप से उपस्थित रहे।
चैंबर के अध्यक्ष श्री निखिल मद्रासी ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए MSME उद्योगों को लागत घटाकर कार्यक्षमता बढ़ाना जरूरी है। वहीं सुश्री अंकिता पांडे ने बताया कि मंत्रालय उद्योगों की समस्याओं—मार्केट, टेक्नोलॉजी और स्किल संबंधी—की जानकारी लेकर उनके समाधान हेतु नीतिगत दस्तावेज तैयार कर रहा है।
श्री मनोज वत्स ने उद्योगपतियों को लागत प्रबंधन और प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए मल्टीपल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की सलाह दी।
इस अवसर पर फिक्की–CMSME के अध्यक्ष श्री गिरीश लूथरा, सूरत ज्वेलरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अमित कोराट, डीआईसी सूरत के जॉइंट कमिश्नर जे.बी. दवे सहित कई अधिकारी व उद्योगपति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन चैंबर की MSME कमेटी के चेयरमैन सीए मनीष बजरंग ने किया।
टेक्निकल सत्र में आशीष गुजराती, कुलदीप सिंह राजपूत, उमेश शर्मा, आकाश सुमन, निरमल पटेल, प्रेमकुमार सौनकुसरे, के.जी. ठक्कर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने MSME से जुड़ी योजनाओं व नीतियों की जानकारी दी।
कार्यशाला में उपस्थित उद्योगपतियों ने अपने प्रश्न रखे जिनके संतोषजनक उत्तर अधिकारियों ने दिए और कार्यक्रम का समापन हुआ।




