सूरत-अहमदाबाद में 8 बड़े गरबा आयोजकों पर जीएसटी का शिकंजा
ब्लैक में पास बेचने और कर चोरी की शिकायत के बाद 10 टीमों ने एक साथ मारे छापे

सूरत। नवरात्रि पर्व की धूम के बीच सूरत, अहमदाबाद और गांधीनगर के 8 बड़े गरबा आयोजकों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने शिकंजा कस दिया है। सोमवार 30 सितंबर से शुरू हुई इस कार्रवाई में जीएसटी की 10 अलग-अलग टीमों ने एक साथ छापेमारी की, जिससे आयोजकों में हड़कंप मच गया।
जाँच मुख्य रूप से उन आयोजनों पर केंद्रित है, जिनमें पास/टिकट की कीमत 500 रुपये से अधिक रखी गई थी। आरोप है कि इन पासों की ब्लैक में दोगुने-तिगुने दामों पर बिक्री की जा रही थी।
सूत्रों के अनुसार, रंग मोरला, स्वर्ण नगरी और स्वर्णिम नगरी सहित कुल 8 स्थलों पर एक साथ छापे मारे गए। इनमें आदित्य गढ़वी और जिगरदान गढ़वी जैसे स्टार कलाकारों के कार्यक्रम शामिल थे। इसके अलावा कुछ आयोजनों का संबंध पूर्व मंत्रियों से भी बताया जा रहा है।
अधिकारियों को शक है कि आयोजकों ने पास की बिक्री से हुई वास्तविक आय को कम दिखाकर कर चोरी की है और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाया है। इसी को लेकर आयोजकों से पास बिक्री, आय-व्यय और अकाउंट की पूरी जानकारी माँगी गई है।
जीएसटी विभाग की इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि सरकार बड़े आयोजनों में कर चोरी को बर्दाश्त नहीं करेगी। फिलहाल जाँच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे सामने आने की संभावना है।




