सूरत का ज़री उद्योग भारी संकट में, ITC रिफंड पुनः शुरू करने की मांग

सूरत का परंपरागत ज़री उद्योग, जिसमें करीब 5,000 इकाइयाँ और लगभग 2 लाख मज़दूर कार्यरत हैं, इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। कारण यह है कि Notification No. 20/2023 (19 अक्टूबर 2023) के तहत मेटलाइज़्ड पॉलिएस्टर फिल्म पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का रिफंड बंद कर दिया गया है, जिससे MSME इकाइयों की वर्किंग कैपिटल बुरी तरह प्रभावित हुई है।
इस गंभीर परिस्थिति को देखते हुए Secure Embro Thread & Jari Association (SETJA) ने पहल करते हुए आज गुजरात राज्य कर विभाग के मुख्य आयुक्त राजीव टोपनो को लिखित रूप से रजुआत सौंपी। प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष तुषार कूवाडिया, उपाध्यक्ष निकुंजभाई भुवा, महेशभाई बोर्डा सहित पूरी टीम मौजूद रही।
इस रजुआत में SGCCI (चेंबर ऑफ कॉमर्स) ने भी भागीदारी की। इस अवसर पर चेंबर के उपाध्यक्ष अशोकभाई जिरावाला उपस्थित थे। इसके अलावा RJWA Association के प्रभु राय ओटेया और उनकी टीम भी इस अभियान में शामिल हुई।
SETJA अध्यक्ष तुषार कूवाडिया ने कहा कि सरकार यदि यह प्रतिबंध तुरंत वापस ले, तो हजारों छोटे उद्योग और लाखों मज़दूरों का रोजगार बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में GST काउंसिल ने कई वस्तुओं पर टैक्स दरों में कटौती कर उद्योग और आम जनता को राहत दी है। ऐसे में ज़री उद्योग भी इसी तरह की राहत का हकदार है, क्योंकि यह मुद्दा पूरी तरह Revenue Neutral है और सरकार को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।




