
सूरत। बॉक्स पैकेजिंग उद्योग पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। हाल ही में जीएसटी में किए गए बदलावों को लेकर सूरत बॉक्स पैकेजिंग एसोसिएशन की विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सी.ए. हर्षभाई सोनी (सोनी एंड तोसनीवाल एसोसिएट्स) तथा सी.ए. सुशील काबरा (काबरा एंड कंपनी) उपस्थित रहे।
बैठक में विशेषज्ञों ने जानकारी दी कि 22 सितम्बर से सरकार ने इनपुट टैक्स 18 प्रतिशत तथा आउटपुट टैक्स मात्र 5 प्रतिशत कर दिया है। इस असमानता से उद्योग को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, क्योंकि रिफंड की प्रक्रिया और समयसीमा स्पष्ट नहीं है।
एसोसिएशन प्रमुख दिनेश शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बॉक्स की मांग करीब 50 प्रतिशत तक घट चुकी है और उसकी जगह पाउच एवं चेन बैग का उपयोग बढ़ गया है। ऐसे में बढ़ते खर्च, मजदूरों की तनख्वाह और बिजली बिल जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना भी कठिन हो गया है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब से भुगतान चक्र केवल 45 से 90 दिन की अवधि के भीतर ही स्वीकार किया जाएगा और इससे बाहर किसी भी शर्त पर बिक्री संभव नहीं होगी।
एसोसिएशन ने व्यापारियों से अपील की है कि वे इस संकट की घड़ी में सहयोग करें, ताकि सूरत की पैकेजिंग इंडस्ट्री को बचाया जा सके और हजारों परिवारों का भविष्य सुरक्षित रह सके।




