श्री कुशल कांति खरतरगच्छ जैन भवन पाल में तीन दिवसीय साधना अनुष्ठान का आयोजन
विद्यादायिनी मां सरस्वती देवी की विधियुक्त जाप साधना

सूरत। खरतरगच्छाधिपति प.पू. आ.भ. श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. के 65वें, आगम मर्मज्ञा एवं प्रवर्तिनी श्री सज्जनश्रीजी म.सा. के 118वें और संघरत्ना प.पू. प्रवर्तिनी गुरुवर्या श्री शशिप्रभाश्रीजी म.सा. के 81वें जन्म वर्ष के उपलक्ष्य में श्री कुशल कांति खरतरगच्छ जैन संघ, सूरत के तत्वावधान में तीन दिवसीय विधियुक्त साधना अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। इस अनुष्ठान में तीर्थंकर मुखवासिनी-ज्ञानदायिनी मोक्षप्रदायिनी एवं श्रुतज्ञान की अधिष्ठात्री विद्यादायिनी मां सरस्वती देवी की विधियुक्त जाप साधना होगी। अनुष्ठान का संचालन शारदा पुत्री प.पू. साध्वी श्री सौम्यगुणाश्रीजी म.सा. करेंगी, जबकि आशीर्वाद खरतरगच्छाधिपति प.पू. आ.भ. श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा., प्रवर्तिनी श्री सज्जनश्रीजी म.सा. एवं संघरत्ना प.पू. प्रवर्तिनी श्री शशिप्रभाश्रीजी म.सा. द्वारा प्रदान किया जाएगा।
स्थापना समारोह शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025 को प्रातः 5 बजे होगा। साधना तीन दिवसीय होगी, 3 से 5 अक्टूबर तक चलेगी और समापन समारोह रविवार, 5 अक्टूबर 2025 को दोपहर 2 बजे संपन्न होगा। साधना का समय तीन चरणों में होगा: प्रथम चरण प्रातः 6:00 से 7:30, द्वितीय चरण 7:30 से 9:00 और तृतीय चरण 9:00 से 10:30।
जाप साधना के दौरान सभी साधकों के लिए आवश्यक निर्देश हैं कि तीनों दिन डेढ़-डेढ़ घंटे के इन चरणों में समय की पूर्ण पाबंदी अनिवार्य होगी। जो साधक साढ़े बारह हजार (125 माला) का जाप करना चाहते हैं, उन्हें प्रतिदिन कम से कम एक चरण में उपस्थित होना आवश्यक है। प्रत्येक चरण का अलग प्रवेश पास होगा और एक साधक एक से अधिक चरणों में भी जाप कर सकता है। निर्धारित समय से 10 मिनट पहले पहुँचना अनिवार्य है। साधकों को सफेद वस्त्र पहनने होंगे, महिलाओं के लिए रंगीन बॉर्डर या बूटे की अनुमति नहीं होगी। जो लोग दूरी के कारण कार्ड लेने नहीं आ सकते, वे संपर्क सूत्र के पास अपना नाम एवं समय रिजर्व करवा सकते हैं, क्योंकि प्रत्येक चरण में सीट सीमित है।
साधना स्थल श्री कुशल कांति खरतरगच्छ जैन भवन, पाल, सूरत है। इस कार्यक्रम में सकल परंपराओं और सभी धर्मावलंबियों को सादर आमंत्रित किया गया है। प्रवेश पास प्राप्त करने का स्थान भी इसी भवन में है। आयोजक एवं निवेदक श्री कुशल कांति खरतरगच्छ जैन संघ, सूरत हैं, जबकि सहयोगी संस्था अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद् (केयुप) और अखिल भारतीय खरतरगच्छ महिला परिषद् (केएमपी), पाल, सूरत हैं। संपर्क सूत्रों में घेवरचंद मरडिया, नरपत मंडोवरा, नरेश मंडोवरा, हरीश श्रीश्रीमाल और मधु देसाई शामिल हैं।




