श्री गणेश पूजन के साथ शुरू हुआ रामलीला महोत्सव
- रामजन्म होते ही बरसे फूल, गाई बधाईयां

सूरत। श्री आदर्श रामलीला ट्रस्ट सूरत के तत्वधान में वृंदावन की श्रीहित राधावल्लभ रासलीला मंडली के रासाचार्य स्वामी त्रिलोकचंद शर्मा के सानिध्य में वेसु स्थित रामलीला मैदान में प्रथम दिन सोमवार को रामलीला में श्री गणेश पूजन, रावण दिग्विजय, राम जन्म, विश्वामित्र आगमन मंचन हुआ। सर्वप्रथम ट्रस्ट के अध्यक्ष रतन गोयल, मंत्री अनिल अग्रवाल , संरक्षक राजेश्वर प्रसाद गुप्ता, बाबुलाल मित्तल, उपप्रमुख प्रहलाद अग्रवाल, मंत्री प्रमोद बंसल कोषाध्यक्ष अजय बंसल ,लीला मंत्री गणेश चङ्गोईवाला सहित कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलन कर धर्म ध्वजा,आरती पूजन, गणेश वंदना व लक्ष्मी नारायण के पूजन के पश्चात कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

मंचन में दिखाया गया कि राजा दशरथ पुत्र न होने के कारण बहुत दुखी हुए, तब वह अपने गुरु वशिष्ठ के यहां गए और प्रणाम करते हुए अपना दुख सुनाया। तब वशिष्ठ ने राजा को अनेक प्रकार से समझाकर धीरज धराया और श्रंगी ऋषि को बुलाया। श्रंगी ऋषि ने राजा दशरथ के पुत्र की कामना के लिए पुत्रेष्टि यज्ञ करवाया। इसके बाद भगवान श्रीराम को जन्म होते ही पूरे राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई। फूलों की वर्षा के साथ ही बधाईयां गाई जाने लगी, और समारोह की तैयारियां की जाने लगी।
भगवान श्रीराम आश्रम में शिक्षा दीक्षा लेते है। इसके बाद एक दिन राजदरबार में विश्वामित्र आते है और श्रीराम व लक्ष्मण को राजा दशरथ से मांगकर अपने संग ले जाते हैं। आरती के बाद आज की लीला को विराम दिया
23 तारीख की लीला में ताड़का वध,सुभाहु – मारीच वध ,अहिल्या उद्धार एवम पुष्प वाटिका की लीला का दर्शन होगा।




