सेतरावा की मुमुक्षु ममता गुलेच्छा 29 सितम्बर को लेंगी जैन भगवती दीक्षा
जैन समाज सेतरावा के इतिहास की प्रथम दीक्षा,परिवार,समाज गांव का नाम रोशन करेगी मुमुक्षु सुश्री ममता गोलेच्छा

रिपोर्ट-राजू तातेड़(फलसुंड/सूरत)
सूरत/सेतरावा। सेतरावा की पुण्यभूमि से एक और गौरवपूर्ण प्रसंग जुड़ने जा रहा है। यहाँ की हमारी प्यारी, लाडली, राजदुलारी मुमुक्षु सुश्री ममता गुलेच्छा (सुपौत्री स्व. श्री मांगीलाल जी एवं श्रीमती शान्तिदेवी गुलेच्छा, सुपुत्री श्री लालचंद जी एवं श्रीमती संतोष देवी गुलेच्छा) को जैन भगवती दीक्षा का परम सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। यह पावन अवसर सोमवार, 29 सितम्बर 2025 को देशनोक की पावन भूमि पर परम श्रद्धेय आचार्य प्रवर 1008 श्री रामलालजी महाराज साहेब की निश्रा एवं बहुश्रुत वाचनाचार्य उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी महाराज सहित संत महापुरुष एवं महासतीवृन्द के सान्निध्य में सम्पन्न होगा। शुभ मुहूर्त में “करेमि मंते” के उच्चारण के साथ मुमुक्षु ममता संयम सुमेरू को स्वीकार करेंगी।

सेतरावा जैन समाज के इतिहास मे प्रथम दीक्षा लेकर मुमुक्षु सुश्री ममता गोलेच्छा समाज गांव व परिवार व धर्मसंघ का नाम रोशन करने जा रही है।

इस दीक्षा अवसर को लेकर गुलेच्छा परिवार सहित संपूर्ण समाज में हर्ष और उल्लास का वातावरण है। दीक्षा पूर्व विविध धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई है। शुक्रवार, 19 सितम्बर 2025 को मुमुक्षु की जन्मभूमि सेतरावा में भव्य वरघोड़ा एवं अभिनंदन समारोह होगा। वहीं रविवार, 28 सितम्बर 2025 को देशनोक में अभिनंदन समारोह और ओघा बंधाई का आयोजन रखा गया है। अगले दिन सोमवार, 29 सितम्बर को महाभिनिष्क्रमण यात्रा एवं दीक्षा महोत्सव सम्पन्न होगा।

पत्रिका के अनुसार मुमुक्षु ममता का जन्म 12 नवम्बर 1999 को सेतरावा (जोधपुर) में हुआ था। लगभग सात वर्ष पूर्व वैराग्य प्राप्त कर उन्होंने संयम मार्ग का संकल्प लिया। बारहवीं तक व्यावहारिक शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ उन्होंने आरुग्णबोहिलानं, श्रीमद् दशवैकालिक सूत्र, श्रीमद् उत्तराध्ययन सूत्र, उववाई सूत्र, सुखविपाक सूत्र, गति नगति, जीवधड़ा, गुणस्थान, जैन सिद्धान्त बत्तीसी सहित अनेक आगमिक ग्रंथों का गहन अध्ययन किया है। समकित के 67 बोल तथा जैन सिद्धान्त नूषण जैसी धार्मिक परीक्षाएँ भी उत्तीर्ण की हैं। लगभग 250 किलोमीटर की पदयात्रा कर उन्होंने साधना की दृढ़ भावना का परिचय दिया है।

इस महोत्सव में देशभर से संत महापुरुषों का सान्निध्य एवं सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथियों का आगमन भी होगा। मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री तथा सांसद श्री गजेन्द्रसिंह शेखावत उपस्थित रहेंगे। समारोह गौरव में आईएएस नम्रता जैन (अपर कलेक्टर रायपुर), श्री सुरेश बच्छावत (महामंत्री, अ.भा.सा. जैन संघ बीकानेर), श्री पुनमचंद सुराणा (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), श्री पानमल भूरा (महामंत्री, श्री साधुमार्गी जैन संघ देशनोक), श्री राजेन्द्र साँखला (नाकोड़ा ट्रस्टी), श्री मागचंद सिंधी (अध्यक्ष, श्री साधुमार्गी जैन संघ जोधपुर), श्री रावलचन्द लोढ़ा (समाजसेवी, सेतरावा) सहित अनेक विशिष्टजन उपस्थित रहेंगे।

समारोह की अध्यक्षता श्री नरेन्द्र गाँधी(राष्ट्रीय अध्यक्ष,अ.मा. साधुमार्गी जैन संघ बीकानेर) करेंगे जबकि सम्मानित अतिथियों में श्री रावलचन्द चौपड़ा(उद्योगपति एवं समाजसेवी, जोधपुर),श्री कन्हैयालाल वैद (अध्यक्ष, साधुमार्गी जैन संघ देशनोक),श्री भाविक रबारा(नेपटवून लेमिनेट प्रा. लि.,राजकोट),श्री धुमित राजकोटिया (ओम लेमकोट मोरबी),श्री रमेश मालु (अध्यक्ष, समता युवा संघ जोधपुर),श्री गोपालसिंह राठौड़ (सरपंच, सेतरावा),डॉ.श्री मुकेश मालु (एमडीएम,जोधपुर) सहित अनेक गणमान्य शामिल होंगे।

मुख्य वक्ताओं में श्री चार्विन बागमार (अतिरिक्त सिविल जज, जिला न्यायालय अजमेर),श्री सुमित बंब (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अ.गा.सा.जैन समता युवा संघ),श्री राजेश बच्छावत (कोषाध्यक्ष,अ.मा.सा. जैन संघ बीकानेर),श्री तनसुखलाल जैन (राष्ट्रीय मंत्री),श्री मुकेश जैन (जैन ऑफ ग्रुप, बैंगलोर),श्री बंशीलाल संचेती(पूर्व अध्यक्ष, साधुमार्गी जैन संघ सेतरावा),श्री मूलचन्द गुलेच्छा (पूर्व महामंत्री, साधुमार्गी जैन संघ सेतरावा),श्री अनोपचन्द लोढ़ा (समाजसेवी, सेतरावा)और श्री गुलाब चौपड़ा (जोधपुर)शामिल रहेंगे।

आयोजन समिति ने सभी समाजबंधुओं और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सपरिवार पधारकर इस दिव्य अवसर पर मुमुक्षु ममता को अपना आशीर्वाद प्रदान करें और धर्मलाभ अर्जित करें। यह आयोजन न केवल एक परिवार का गौरव है बल्कि संपूर्ण समाज के लिए आत्मिक प्रेरणा का स्रोत बनेगा।




