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जीवन में संतुलन बनाकर चलें-आचार्य श्रीजिनमणिप्रभसूरीश्वर

जन्म से मृत्यु तक नम्बर का खेल है-खरतरगच्छाधिपति

पढाई में नम्बर,सैलेरी में नम्बर और अन्त में उम्र एक नम्बर

साध्वी सुलक्षणाश्री के देवलोक गमन पर श्रद्धांजलि दी

बाड़़मेर 04 सितम्बर। कोटड़िया-नाहटा ग्राउण्ड स्थित सुधर्मा प्रवचन वाटिका में श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ चातुर्मास कमेटी के तत्वाधान में संघ शास्ता वर्षावास 2025 का चातुर्मास खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्रीजिनमणिप्रभसूरीश्वर म.सा. की पावन निश्रा व बहिन म.सा. साध्वी डाॅ. विधुत्प्रभाश्री व श्रमण-श्रमणीवृन्द के पावन सानिध्य में गुरूवार को आचार्यश्री ने श्रावकों सम्बोधित करते हुए कहा कि खुद को सेटल करने में उम्र गुजार दी। जब सेटल होकर खुद को समझना प्रारम्भ किया तो पता चला शोक,मौज,आनन्द के लिए शरीर तैयार नही है। बच्चें बोलने लगे अब भगवान का नाम लो आपकी उम्र हो गई है। इसलिए मैं हर रोज अपने प्रवचन में एक बात कहता रहा हूँ  कि 24 घंटों में स्वयं के लिए 10 मिनट निकाले और आत्म निरिक्षण करें कि क्या पाया,क्या खोया अगर आपने ये सोचना आरम्भ कर दिया तो यकिनन में कह सकता हूँ। ये सेटल करने वाला शब्द आपके जीवन में नही रहेगा। सन्तुलन आवश्यक है,सन्तुलन कब बैठ पाएगा जब आप स्वयं का निरिक्षण करेंगे जीवन में सांसरिक जीवन में पैसे भी चाहिए, धर्म आराधना भी चाहिए पाप भी होंगे तो पुण्य भी चाहिए इस सब को आप कब संतुलित कर पाआगे जब आप अपने जीवन के हिस्सें के बारे में सोचना प्रारम्भ करेंगे। केवल पैसों से कुछ नही होगा समाज में भी इज्जत चाहिए। अब आप अपने आपको उस सिस्टम में डालना प्रारम्भ करें। आत्म चिन्तन, आत्म निरिक्षण, स्वयं को जानने का प्रयास कि मैं आखिर मनुष्य जीवन में आने के बाद क्या कर रहा हूँ। जब आप पढते तो आपके नम्बर तय करते है कि आप पढाई में कैसे है, जब आप नौकरी अथवा व्यवसाय करते है तो भी नम्बर तय करते है कि आप कितना कमाते है। इन सब के बीच आपके कर्म तय करते है कि सुख के नम्बर ज्यादा होंगे या दुख के नम्बर। इसलिए जीवन के सन्तुलन को बनाकर कार्य करें।

बहिन म.सा. साध्वी डाॅ. विधुत्प्रभाश्री ने हैदराबाद में देवलोक हुए साध्वी सुलक्षणा श्रीजी म.सा. को शब्दांजलि देते हुए उनके साथ बिताएं पलों को साझा किया। सकल संघ ने 12 नवकार का स्मरण कर श्रद्धांजलि दी।

चातुर्मास कमेटी के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश भंसाली व मीडिया संयोजक कपिल मालू ने बताया कि बुधवार को तेले की तपस्या लीलादेवी मांगीलाल बोथरा एवं आयंबिल की तपस्या प्यारीदेवी सम्पतराज मालू की रही। सुधर्मा प्रवचन वाटिका में गुरूवार को बाहरी राज्यों से बाड़मेर पहुंचे गुरूभक्त भायंदर खरतरगच्छ संघ अध्यक्ष दीपचन्द ललवाणी, जितेन्द्र कोठारी पाली, पारसमल बोहरा धोरीमन्ना, बाबुलाल मालू चोहटन-सूरत, बाबुलाल छाजेड़ मुम्बई व गुरूभक्तों चातुर्मास कमेटी द्वारा बहुमान किया गया। तपस्वियों व लोच करवाने वालों का बहुमान किया गया। गुरूवार को श्री कांतिमणि उपाश्रय में खरतरगच्छाधिपति के विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रिय सह संगठन मंत्री विनायकराव देश पांडे, जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सऊ सहित कई कार्यक्रर्ता ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

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