आचार्य सम्राट डॉ. शिवमुनि जी म.सा. के 84वें प्रकाशोत्सव पर आत्म-ध्यान धर्म यज्ञ का आयोजन

सूरत। श्री ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस के तत्वावधान में आचार्य सम्राट डॉ. श्री शिवमुनि जी म.सा. के 84वें प्रकाशोत्सव (18 सितम्बर) के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय आत्म-ध्यान प्रचार-प्रसार योजना अंतर्गत 16 सितम्बर को आत्म-ध्यान धर्म यज्ञ का आयोजन हुआ। तीन घंटे चले इस शिविर में देश-विदेश के हजारों साधक-साधिकाओं ने सहभागी होकर ध्यान साधना से लाभ लिया। अमेरिका, दुबई, कनाडा, थाईलैंड सहित भारत के 11 राज्यों में 150 से अधिक केन्द्रों पर यह साधना सम्पन्न हुई।
आचार्य श्री ने कहा कि आत्म ध्यान अस्तित्व का ध्यान है, व्यक्तित्व का नहीं। विचार आएं तो उन्हें दृष्टाभाव से जानें और वर्तमान क्षण में रहकर आत्मा को केन्द्र बनाएं। प्रमुख मंत्री श्री शिरीष मुनि जी म.सा. ने यौवन तत्व की क्रियाएं करवाईं तथा ध्यान में एकाग्रता हेतु श्वास पर आलम्बन की बात कही। वीतराग साधिका निशाजी ने शुक्ल ध्यान व कर्म निर्जरा की साधना करवाई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शशिकांत (पिंटू) कर्णावट ने आचार्य श्री के आशीर्वाद व साधु-साध्वीवृंद के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय महामंत्री श्री अमितराय जैन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अतुल जैन के निर्देशन की सराहना की। इस अवसर पर अनेक श्रद्धालु गुरु दर्शन हेतु उपस्थित हुए। वहीं बैंगलोर से श्री सम्पतमल कोठारी ने 28 व्रत और श्री विशाल गांधी ने 29 व्रत का प्रत्याख्यान ऑनलाइन माध्यम से लिया।




