अब गुजरात में पुलिस इंस्पेक्टर और डिप्टी एसपी की तबादले-प्रमोशन में जनता का फीडबैक होगा निर्णायक!

गांधीनगर। गुजरात पुलिस विभाग में तबादला और प्रमोशन की प्रक्रिया में बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव सामने आया है। राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के निर्देश पर पुलिस इंस्पेक्टर (PI) और डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DySP) स्तर के अधिकारियों के तबादले के आदेश तैयार किए गए हैं, लेकिन इन आदेशों को लागू करने से पहले आम जनता से संबंधित अधिकारियों के व्यवहार और कामकाज का फीडबैक लेने की अनोखी प्रक्रिया शुरू की गई है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, 50 कर्मचारियों की विशेष टीम का गठन कर सभी जिलों और शहरों में आम नागरिकों से पुलिस अधिकारियों के कार्य व्यवहार का फीडबैक लेना शुरू किया गया है। इसके तहत जिला और शहर कंट्रोल रूम से लोगों को फोन कर उनके क्षेत्र के PI और DySP के बारे में राय पूछी जा रही है। इस प्रक्रिया के कारण कंट्रोल रूम में दिनभर फोन कॉल्स की गूंज सुनाई दी।
बताया जा रहा है कि फीडबैक में अच्छे और खराब दोनों तरह की प्रतिक्रियाओं का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और इसी के आधार पर अफसरों के तबादले और पोस्टिंग की अंतिम सूची तैयार होगी। गृह विभाग के अनुसार, अब केवल प्रशासनिक कारणों से नहीं बल्कि अधिकारियों के व्यवहार, कामकाज की पारदर्शिता और जनता में लोकप्रियता के आधार पर भी तबादले किए जाएंगे।
राज्य सचिवालय में इस नई व्यवस्था को लेकर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार गृह मंत्रालय ने इस पर गंभीरता से काम शुरू कर दिया है। सरकार का मानना है कि इस अनूठे प्रयोग से पुलिस विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी और पुलिस की छवि में भी सुधार आएगा। हर्ष संघवी के नेतृत्व में शुरू हुई यह नई पहल यदि सफल होती है, तो भविष्य में राज्य के अन्य विभागों में भी इसी तरह जनता के फीडबैक के आधार पर तबादले और पदस्थापन की नीति अपनाई जा सकती है।




