
सूरत। मित्र से उधार लिए गए चार लाख रुपये की राशि लौटाने के लिए दिया गया चेक बाउंस होने के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए छह माह की साधारण कैद तथा चेक की राशि चुकाने का आदेश सुनाया।
फरियादी उमेश जैन, जो “हिंदवी टेक्सटाइल्स” नाम से कपड़ा बाजार में व्यवसाय करते हैं, की आरोपी शांति धर्मशीभाई कोराट से मित्रता थी। आरोपी शांति ने अपने परिवार के साथ मिलकर फैंसी ब्लाउज़ बनाने की फैक्ट्री में 20 लाख रुपये निवेश करने का लालच दिया। इस प्रलोभन में आकर उमेश जैन ने आरोपी को 4,00,000 रुपये दिए।
बाद में आरोपी ने इस राशि का निजी उपयोग कर लिया और भुगतान हेतु एक चेक दिया, जो बैंक से रिटर्न हो गया। इसके बाद उमेश जैन ने अदालत में मामला दर्ज कराया।
सुनवाई के दौरान फरियादी पक्ष के अधिवक्ता विनय शुक्ला ने सबूतों के आधार पर केस साबित किया। अंतिम निर्णय में अदालत ने आरोपी शांति कोराट को दोषी करार देते हुए छह माह की साधारण कैद की सजा और फरियादी को चार लाख रुपये की राशि लौटाने का आदेश दिया।




