सूरत में भारी बारिश के बीच सेना की एंट्री, वडोदरा से 70 सदस्यीय इंजीनियर रेजिमेंट राहत-बचाव कार्य में जुटी
जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर शुरू की कार्रवाई, प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना की मदद ली जाएगी

सूरत। सूरत शहर और जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से उत्पन्न गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भारतीय सेना की मदद ली है। जिला कलेक्टर तेजस परमार के मार्गदर्शन में शुक्रवार सुबह वडोदरा से भारतीय सेना की 203 इंजीनियर रेजिमेंट की 70 सदस्यीय टीम सूरत पहुंच गई।
सेना की इस विशेष टीम में एक अधिकारी सहित 12 सदस्यीय इंजीनियरिंग दल, मेडिकल टीम, वाहन (व्हीकल) टीम तथा रिकवरी टीम शामिल है। टीम आधुनिक तकनीक से लैस दो अत्याधुनिक रेस्क्यू बोट भी साथ लाई है, जिनमें प्रत्येक बोट एक बार में 15 से 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की क्षमता रखती है।

सेना की टीम फिलहाल सूरत के उमरा क्षेत्र में तैनात की गई है। प्रशासन के अनुसार निचले एवं जलमग्न क्षेत्रों में फंसे नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता उपलब्ध कराने तथा किसी भी आपात स्थिति में तेजी से बचाव अभियान चलाने के लिए सेना की सेवाओं का उपयोग किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने बताया कि भारी वर्षा की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर दी गई हैं। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन की सलाह का पालन करें तथा अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।




