सूरत में बाढ़ का संकट कम हुआ, सीमाडा और मिठीखाड़ी का जलस्तर लगातार घटा
तीसरे दिन तेजी से उतरने लगा खाड़ी का पानी, हजारों प्रभावित लोगों को मिली राहत

सूरत। सूरत शहर और जिले में लगातार हुई अत्यधिक बारिश के बाद उत्पन्न खाड़ी बाढ़ की गंभीर स्थिति में शनिवार को बड़ी राहत देखने को मिली। बारिश थमने और ऊपरी क्षेत्रों से पानी का बहाव कम होने के कारण सीमाडा तथा मिठीखाड़ी का जलस्तर लगातार घट रहा है। इसके चलते शनिवार सुबह से ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी तेजी से उतरने लगा।
सूरत महानगरपालिका के फ्लड कंट्रोल विभाग के अनुसार शनिवार सुबह 10 बजे सीमाडा खाड़ी का जलस्तर 4.30 मीटर तथा मिठीखाड़ी का जलस्तर 8.90 मीटर दर्ज किया गया। खाड़ियों का पानी तेजी से समुद्र की ओर बहने से निचले इलाकों में जलभराव कम होने लगा है।
सबसे निचले क्षेत्र सणिया अहमद गांव में शनिवार सुबह तक बाढ़ का पानी घटकर लगभग दो से तीन फीट रह गया, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
सणिया हेमाद, पूर्णा, सारोली, कुंभारिया, परवत, गोडादरा, मगोब, डुंभाल तथा लिम्बायत के मिठीखाड़ी क्षेत्र सहित कई इलाकों में तीसरे दिन तेजी से पानी उतरने लगा। इससे हजारों प्रभावित परिवारों को बाढ़ के संकट से राहत मिली है और सामान्य जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है।
प्रशासन का अनुमान है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो शनिवार देर दोपहर तक अधिकांश बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पानी पूरी तरह उतर जाएगा। सूरत शहर, जिले तथा तापी जिले में बारिश बंद होने या सामान्य होने से खाड़ी बाढ़ का संकट अब तेजी से समाप्त होने की ओर बढ़ रहा है।




