
नई दिल्ली, । मई माह महंगाई के मोर्चे पर आम जनता के लिए नया झटका लेकर आ सकता है। इसकी शुरुआत 1 मई को कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से हो चुकी है। अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है, जिससे आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।
सरकारी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम प्रति लीटर 4 से 5 रुपये तक बढ़ सकते हैं। बताया जा रहा है कि तेल विपणन कंपनियां लंबे समय से नुकसान झेल रही हैं और कीमतों में संशोधन को लेकर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन फैसला कभी भी लिया जा सकता है।
यदि ईंधन के दाम बढ़ते हैं तो इसका सीधा असर परिवहन खर्च और माल ढुलाई पर पड़ेगा। परिणामस्वरूप सब्जी, दूध सहित दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम भी बढ़ने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र की अनिश्चित स्थिति को संभावित मूल्य वृद्धि के प्रमुख कारणों में शामिल किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने पर इसका असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय और डिलीवरी सेवाओं सहित अर्थव्यवस्था के लगभग हर क्षेत्र पर पड़ेगा। सरकार की अंतिम घोषणा पर अब आम जनता और बाजार की नजरें टिकी हुई हैं।




