
इज़राइल और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण हालात से उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 की तिथियों में परिवर्तन किया गया है। अब यह महोत्सव 12 से 15 अगस्त 2026 तक भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
इस संबंध में चांदनी चौक, नई दिल्ली के सांसद तथा कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय महासचिव श्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के कारण कई देशों के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तथा प्रवासी भारतीय संगठनों की भारत यात्रा फिलहाल प्रभावित हो रही है।उन्होंने बताया कि भारतीय व्यापार महोत्सव में लगभग 5000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तथा 10000 से अधिक OCI/NRI प्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों और एसोसिएशनों की भागीदारी प्रस्तावित थी, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उनके समय पर आने की संभावना कम है।उन्होंने कहा कि भारतीय व्यापार महोत्सव का मुख्य उद्देश्य देशभर के प्रदर्शकों को घरेलू और निर्यात दोनों स्तरों पर नए व्यापारिक अवसर उपलब्ध कराना है। यदि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और प्रतिनिधियों की पर्याप्त उपस्थिति नहीं होगी तो महोत्सव के मूल उद्देश्य को पूरा करना कठिन हो सकता है। इसी कारण व्यापारियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए परिस्थितियों का गंभीरता से मूल्यांकन कर यह निर्णय लिया गया है।
इस विषय पर टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन तथा भारतीय व्यापार महोत्सव में एडवाइजर Advisor-(Textile & strategic Initiatives) चम्पालाल बोथरा ने कहा कि CAIT द्वारा लिया गया यह निर्णय पूरी तरह से व्यापारिक हितों और दूरदर्शिता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। नई तिथियों से आयोजकों को बेहतर तैयारी का समय मिलेगा तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक संपर्क और समन्वय स्थापित करने का अवसर भी मिलेगा, जिससे अधिक से अधिक विदेशी खरीदारों और व्यापारिक प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकेगी।
श्री बोथरा ने बताया कि नई तिथियों पर आयोजित होने वाला भारतीय व्यापार महोत्सव और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के MSMEs, स्टार्टअप्स, मैन्युफैक्चरर्स, ट्रेडर्स तथा अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इससे भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों में नई पहचान और व्यापारिक अवसर मिलेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि अगस्त माह भारतीय व्यापार के दृष्टिकोण से अत्यंत उपयुक्त समय है। रक्षाबंधन के बाद से लेकर दीपावली तक देशभर में लगातार त्योहारी और विवाह सीजन शुरू हो जाता है, जिससे बाजारों में नई खरीदारी का माहौल बनता है। इस अवधि में व्यापारी आगामी त्योहारों के लिए नए कलेक्शन की तैयारी करते हैं और निर्यात क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों से अच्छे ऑर्डर प्राप्त होने लगते हैं।ऐसे समय में आयोजित होने वाला भारतीय व्यापार महोत्सव घरेलू व्यापार और निर्यात दोनों को नई गति देने के साथ व्यापारियों में उत्साह और विश्वास का वातावरण बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता माह में आयोजित होने वाला यह महोत्सव देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता, स्वदेशी उद्यमिता की ताकत और “लोकल से ग्लोबल” के विज़न को प्रदर्शित करने का एक ऐतिहासिक अवसर बनेगा।
CAIT को विश्वास है कि नई तिथियों के साथ आयोजित होने वाला भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 व्यापार, नवाचार और वैश्विक व्यापारिक साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जहाँ देश-विदेश के व्यापारी, उद्योगपति, स्टार्टअप्स और अंतरराष्ट्रीय खरीदार एक ही छत के नीचे आकर नए व्यापारिक अवसरों का सृजन करेंगे।



