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सूरत महानगरपालिका की आयुक्त शालिनी अग्रवाल के लिए चैंबर द्वारा भावपूर्ण विदाई समारोह

सूरत।द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा रविवार, 25 जनवरी 2025 को नानपुरा स्थित समृद्धि भवन में सूरत महानगरपालिका की म्यूनिसिपल कमिश्नर श्रीमती शालिनी अग्रवाल (IAS) के सम्मान में एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। वडोदरा में गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के चीफ के रूप में उनकी नियुक्ति के अवसर पर चैंबर ने शहर के विकास में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया।
समारोह में चैंबर के पदाधिकारियों द्वारा श्रीमती अग्रवाल को शॉल ओढ़ाकर सम्मान पत्र भेंट किया गया तथा उनके सेवाकाल के लिए कृतज्ञता व्यक्त करते हुए नए दायित्व हेतु शुभकामनाएं दी गईं।
चैंबर अध्यक्ष निखिल मद्रासी, उपाध्यक्ष अशोक जीरावाला, पूर्व अध्यक्ष विजय मेवावाला, मानद मंत्री बिजल जरीवाला, मानद कोषाध्यक्ष सीए मितीष मोदी, पूर्व अध्यक्षगण बी.एस. अग्रवाल, राजेंद्र चोखावाला, अशोक शाह, ग्रुप चेयरमेन एवं सूरत के शासक पक्ष के दंडक धर्मेश वाणियावाला ने श्रीमती अग्रवाल के कार्यकाल की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि उनके नेतृत्व में स्वच्छता, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में सूरत ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
चैंबर पदाधिकारियों ने कहा कि श्रीमती शालिनी अग्रवाल ने प्रशासन और उद्योग जगत के बीच सकारात्मक समन्वय स्थापित कर सूरत के सर्वांगीण विकास को नई दिशा दी। उनकी कार्यशैली में निर्णय क्षमता के साथ मानवीय संवेदनशीलता का सुंदर संतुलन देखने को मिला।
अपने संबोधन में श्रीमती शालिनी अग्रवाल ने कहा कि मेरिट और परफॉर्मेंस के आधार पर अवसर देना गुजरात सरकार की विशेषता है। उन्होंने कहा कि चार-पांच जिलों में कलेक्टर और दो नगर निगमों में आयुक्त के रूप में कार्य करने के बाद अब पूरे गुजरात में पावर और एनर्जी सेक्टर में काम करने का अवसर मिला है, जो किसी महिला IAS अधिकारी के लिए गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि सूरत को मिले सभी पुरस्कार नागरिकों की सहभागिता, सकारात्मक दृष्टिकोण और विज़न का परिणाम हैं। सूरत एक ग्लोबल सिटी है और टाउन प्लानिंग इम्प्लीमेंटेशन में देशभर में अग्रणी है, जिससे सड़क, बीआरटीएस, फ्लायओवर, गार्डन, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र जैसे विकास कार्य संभव हो पाए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जब नागरिक, प्रशासनिक और निर्वाचित प्रतिनिधि एक मंच पर आते हैं, तब शहर किस तरह प्रगति करता है, इसका जीवंत उदाहरण सूरत है। अंत में उन्होंने सूरत के उद्यमियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सूरत के उद्योगपति किसी भी कार्य को अपनाकर सीखते हैं और उसे शिखर तक पहुंचाते हैं—यह सकारात्मक दृष्टिकोण वे अपने जीवन में भी अपनाएंगी।

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