खरतरगच्छ में पाँचवें आचार्य की ऐतिहासिक घोषणा
13 फरवरी 2026 को पालीताणा में मुनि श्री सम्यक रत्न सागर जी का आचार्य पद पर पदारोहण

पालीताणा.खरतरगच्छ जैन संघ के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक क्षण की घोषणा हुई है। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर पालीताणा नगरी में वर्तमान पटधर आचार्य, युगदिवाकर, धर्मशिरोमणि एवं संयमसारथी परम पूज्य खरतरगच्छाचार्य श्री जिन पीयूष सागर सूरीश्वर जी महाराज साहेब के मुखारविंद से यह आधिकारिक घोषणा की गई कि खरतरगच्छ के वरिष्ठतम एवं प्रथम शिष्य परम पूज्य मुनि श्री सम्यक रत्न सागर जी महाराज साहेब को आचार्य पदवी से विभूषित किया जाएगा।
यह भव्य आचार्यपद पदारोहण महोत्सव 13 फरवरी 2026 को पावन तीर्थ पालीताणा में आयोजित होगा। इस अवसर पर स्वयं परम पूज्य खरतरगच्छाचार्य श्री जिन पीयूष सागर सूरीश्वर जी महाराज साहेब अपने करकमलों से मुनि श्री सम्यक रत्न सागर जी महाराज साहेब को आचार्य पदवी प्रदान करेंगे।
मुनि श्री सम्यक रत्न सागर जी महाराज साहेब को स्वाध्याय-रसिक, प्रखर प्रवचनकार एवं युवाओं के प्रेरणास्तंभ के रूप में जाना जाता है। उनका संयममय जीवन, गहन अध्ययन एवं ओजस्वी प्रवचन वर्षों से समाज को धर्ममार्ग पर अग्रसर करते आ रहे हैं। उनके आचार्य पद पर आसीन होने से खरतरगच्छ की परंपरा, मर्यादा एवं धर्मप्रभावना को नई दिशा और ऊर्जा मिलने की अपेक्षा है।
खरतरगच्छ में यह पाँचवें आचार्य की ऐतिहासिक नियुक्ति मानी जा रही है, जिससे संपूर्ण जैन समाज में हर्ष, उल्लास एवं आध्यात्मिक गौरव का वातावरण व्याप्त हो गया है। इस शुभ अवसर को लेकर देश-विदेश के खरतरगच्छ जैन संघों में उत्साह का संचार हुआ है।
जैन समाज ने इसे धर्मोल्लास, साधना एवं संगठनात्मक सुदृढ़ता का महापर्व बताते हुए, आचार्य पदारोहण महोत्सव के सफल आयोजन हेतु तैयारियाँ प्रारंभ कर दी हैं। यह आयोजन निश्चित रूप से खरतरगच्छ के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित होगा।



