देवध में 20 गोदामों में लगी भीषण आग, 8 घंटे बाद पाया गया काबू
24 में से 20 अवैध गोदाम जलकर खाक, करोड़ों रुपये का माल स्वाहा

सूरत। गोडादरा क्षेत्र के देवध गांव में सोमवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब देवध पुलिस चौकी के पास खुले प्लॉट में पतरों के शेड में बने अंबिका फर्नीचर और ट्रांसपोर्ट के गोदामों में अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे में कुल 24 गोदामों में से 20 गोदाम आग की चपेट में आ गए, जिनमें रखा करोड़ों रुपये का माल जलकर राख हो गया। आग पर करीब 8 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवध गांव में खुले प्लॉट पर पतरों के शेड में अलग-अलग गोदाम बनाए गए थे। इन्हीं में से अंबिका फर्नीचर नामक गोदाम में सोमवार शाम करीब 6.42 बजे आग भड़की। देखते ही देखते आग ने आसपास के अन्य गोदामों को भी अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया। गोदामों में रखे फर्नीचर और ट्रांसपोर्ट के सामान के कारण आग तेजी से फैलती चली गई।
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। डुंभाल, डिंडोली, मंदरवाजा, सरथाणा, मजूरा, भीमराड, मोराभागल, अडाजण, भेस्तान सहित 15 से अधिक फायर स्टेशनों की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता को देखते हुए 25 से अधिक फायर टेंडर बुलाए गए और 100 से ज्यादा फायरकर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए मोर्चा संभाला। कड़ी मशक्कत के बाद देर रात करीब ढाई बजे आग को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सका।
बताया गया है कि जिस स्थान पर आग लगी, वहां बनाए गए सभी पतरों के शेड पूरी तरह अवैध थे। अवैध निर्माण के कारण फायरकर्मियों को अंदर तक पहुंचने और पानी की बौछार करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अंततः देर रात तीन जेसीबी मशीनें मंगवाकर पतरों के शेड तोड़े गए, जिसके बाद फायरकर्मी आग के केंद्र तक पहुंच सके।
इस हादसे में फर्नीचर और ट्रांसपोर्ट के माल के जलने से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। कुल 24 गोदामों में से 20 गोदाम पूरी तरह जलकर खाक हो गए, जबकि फायर ब्रिगेड की तत्परता से 4 गोदामों को बचा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस भीषण आग में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन आर्थिक नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है।




