
सूरत। करोड़ों रुपये के कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठित व्यापारी चैंबर की मैनेजिंग कमेटी चुनाव में इस बार अजीब स्थिति देखने को मिली, जहां कई वरिष्ठ सदस्य उम्मीदवार नामांकन पत्र भरते समय अपनी ही हस्ताक्षर करना भूल गए। नियमों के अनुसार चुनाव समिति ने ऐसे सभी फॉर्म रद्द कर दिए।
चीफ पेट्रन सीट के लिए फोस्टा के पूर्व अध्यक्ष और चैंबर की मैनेजिंग कमेटी के वरिष्ठ सदस्य देवकीशन मंधानी ने अपने नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर करना भूल गए, जिसके कारण उनका फॉर्म रद्द कर दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि इस श्रेणी की 10 सीटों के लिए 10 ही उम्मीदवार थे, लेकिन एक फॉर्म रद्द होने से अब एक सीट खाली रह जाएगी। यह सीट नए निर्वाचित अध्यक्ष द्वारा बाद में को-ऑप्ट के जरिए भरी जाएगी।
इसी तरह लाइफ मेंबर श्रेणी में प्रतिक पी. नाणावटी, रोहित जे. गजेरा और स्नेहा बी. जरीवाला भी अपने नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर करना भूल गए, जिसके कारण उनके फॉर्म भी निरस्त कर दिए गए। वहीं हितेश के मामले में उम्मीदवार और प्रस्तावक के हस्ताक्षर मेल नहीं खाने के कारण उनका फॉर्म रद्द हुआ।
इसके अलावा डॉ. वंदना भट्टाचार्य सीनियर मेंबर श्रेणी में स्थानांतरित होने के कारण उनका नामांकन अमान्य घोषित किया गया। गोल्ड श्रेणी में मनीष एस. शाह, लाइफ मेंबर श्रेणी में दर्शन एस. मरजादी, हेतल के. कापड़िया और प्रग्नेश जी. देसाई चुनाव नियमों के अनुसार पात्र नहीं होने के कारण उनके फॉर्म भी रद्द कर दिए गए।
चुनाव समिति के चेयरमैन विजय मेवावाला की अध्यक्षता में कल नामांकन पत्रों की जांच की गई। जांच के दौरान कुल 10 नामांकन पत्र निरस्त किए गए, जिनमें लाइफ मेंबर श्रेणी के 8, चीफ पेट्रन का 1 और गोल्ड श्रेणी का 1 फॉर्म शामिल है।
इस घटनाक्रम ने चैंबर चुनाव में प्रशासनिक लापरवाही और उम्मीदवारों की जल्दबाजी को लेकर चर्चा का विषय बना दिया है।



