
सूरत। आगामी सूरत महानगरपालिका चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी में टिकट के दावेदारों की लंबी सूची के बीच वार्ड नंबर-22 से एक सामान्य कार्यकर्ता की दावेदारी पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई है। भाजपा कार्यकर्ता वसंत खैतान का नाम इन दिनों राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक सुर्खियों में है।
करीब 25 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े वसंत खेतान ने अपनी दावेदारी में न तो बड़े पदों का उल्लेख किया और न ही आर्थिक या शैक्षणिक उपलब्धियों का बखान किया। इसके बजाय उन्होंने पार्टी के प्रति अपने जमीनी समर्पण को ही टिकट की सबसे बड़ी योग्यता बताया है।

दावेदारी फॉर्म में खेतान ने लिखा कि उन्होंने वर्षों तक पार्टी कार्यक्रमों में कुर्सियां लगाईं, टेबल सजाए और दरी बिछाने जैसे कार्य किए। उनकी यह सादगी और संगठन के प्रति निष्ठा राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बन गई है। सामान्यतः चुनावी टिकट के लिए प्रभावशाली नेताओं और संसाधन संपन्न दावेदारों की होड़ रहती है, लेकिन एक जमीनी कार्यकर्ता की इस तरह की ईमानदार प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है।
वसंत खेतान का कहना है कि यदि पार्टी उन्हें अवसर देती है तो वे पूरी निष्ठा से चुनाव लड़ेंगे और संगठन की जीत सुनिश्चित करने के लिए कार्य करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी दावेदारी ने यह संदेश दिया है कि कैडर आधारित राजनीति में समर्पित कार्यकर्ता आज भी महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
सोशल मीडिया पर भी उनका फॉर्म तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग इसे संगठन के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता का उदाहरण बता रहे हैं। कई कार्यकर्ताओं ने इसे उस भावना का प्रतीक बताया है जिसमें वर्षों की मेहनत और संगठन सेवा ही पहचान बनती है।
अब राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी नेतृत्व इस जमीनी कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाकर नया संदेश देता है या नहीं। फिलहाल वसंत खेतान की दावेदारी ने सूरत की राजनीति में समर्पण और संगठन संस्कृति पर नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।



