
सूरत | साउथ गुजरात टेक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन (एसजीटीटीए) की बोर्ड मीटिंग गुरुवार, 2 अप्रैल को शाम 7 बजे आयोजित की गई। इस बोर्ड मीटिंग में इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से सूरत के टेक्सटाइल व्यापार के जो हालात बदले हैं, उस पर गहन चर्चा की गई। इस युद्ध की वजह से रॉ मटेरियल जैसे कोयला, कलर केमिकल, गैस, यार्न इत्यादि में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है। इसे देखते हुए बोर्ड मीटिंग में सभी डायरेक्टर्स ने इस बात पर सहमति जताई कि तैयार माल पर आज की लागत के असर को ध्यान में रखते हुए नए रेट निर्धारित करें। आगे युद्ध के न रुकने और इसके और बढ़ने की संभावनाएं नजर आती हैं। बैठक में बोर्ड मेंबर ने कहा कि बदले हालात में रॉ मटेरियल की खरीदी पर नकदी का दबाव स्पष्टतौर पर दिखाई पड़ता है। ऐसी परिस्थिति में एसोसिएशन ट्रेडर्स भाइयों को सचेत करता है कि युद्ध से बने हालातों पर नजर रखकर… संयम से आगे की तैयारी करें। रकम अपने हाथ में रखें, गैरजरूरी फंसे नहीं।
वर्तमान में कुछ स्पष्ट नजर नहीं आ रहा है कि युद्ध किस दिशा में और कितना आगे जाएगा, इसलिए आज की इस बोर्ड मीटिंग में बोर्ड मेंबर्स ने ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित किया कि ट्रेडर्स भाई केवल और केवल 60 दिन के पेमेंट धारा (नियम) में ही व्यापार करें। लेट पेमेंट वाले व्यापारियों के साथ व्यवहार नहीं करें । साथ ही अपने दिशावर के व्यापारियों को आगे के बदलते हालात से वाकिफ भी कराएं, जिससे कि समय पर पेमेंट मिल सके।
बोर्ड मीटिंग में बोर्ड चेयरमैन सुनील कुमार जैन, अध्यक्ष सचिन अग्रवाल , महामंत्री मोहन कुमार अरोरा, ट्रेजरार संतोष माखरिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील मित्तल, उपाध्यक्ष नितिन गर्ग, उपमंत्री महेश जैन, बोर्ड डायरेक्टर प्रदीप केजरीवाल, सारंग जालान, गुलाबभाई, विनोद अग्रवाल, राम खंडेलवाल, प्रहलाद गर्ग, सुरेंद्र जैन उपस्थित थे।




