
सूरत। मोटा वराछा क्षेत्र में रहने वाले एक एम्ब्रॉयडरी कारखानेदार को सस्ते सोने में निवेश का लालच देकर 20.73 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने एम्ब्रॉयडरी मशीन और मकान बेचकर निवेश किया था, लेकिन आरोपियों ने न तो सोना दिया और न ही पैसे लौटाए। इस मामले में सरथाणा पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मूल भावनगर निवासी और वर्तमान में मोटा वराछा स्थित महाराजा फार्म के पास मंत्र होम्स में रहने वाले 48 वर्षीय दिनेशभाई तुलसीभाई कुकडिया लिंबायत के महाप्रभुनगर सोसायटी में एम्ब्रॉयडरी का कारखाना चलाते हैं। वर्ष 2021 में उनकी मुलाकात उनके एक मित्र के माध्यम से प्रज्ञेश धीरजलाल अकबरी (निवासी ओम रेसिडेंसी, वालक कैनाल रोड, सरथाणा) से हुई थी। उस समय प्रज्ञेश योगी चौक के पास लियोनार्ड स्क्वेयर शॉपिंग सेंटर में सोने का कारोबार करता था।
प्रज्ञेश ने दिनेशभाई को बाजार भाव से सस्ता सोना उपलब्ध कराने और निवेश पर अच्छा लाभ दिलाने का लालच दिया। बच्चों के विवाह को ध्यान में रखते हुए दिनेशभाई निवेश के लिए तैयार हो गए। इसके बाद उन्होंने अपनी बचत, एम्ब्रॉयडरी मशीन बेचकर और नाना वराछा स्थित गीरनार सोसायटी का पुराना मकान बेचकर कुल 20.73 लाख रुपये अलग-अलग किश्तों में दिए। इसमें आरटीजीएस के माध्यम से चिराग काकड़िया को 300 ग्राम सोना खरीदने के लिए रकम ट्रांसफर की गई थी।
पैसे लेने के बाद आरोपी प्रज्ञेश अकबरी और चिराग अरविंद काकड़िया (निवासी गीरनार सोसायटी, नाना वराछा) बार-बार विदेश से सस्ता सोना आने की बात कहकर समय टालते रहे। बाद में उन्होंने निवेश की वर्तमान कीमत 45 लाख रुपये होने की बात कहकर मोटा वराछा स्थित फ्लैट के दस्तावेज देने का भी भरोसा दिलाया, लेकिन न तो दस्तावेज दिए और न ही पैसे लौटाए।
आखिरकार ठगी का एहसास होने पर दिनेशभाई ने सरथाणा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रज्ञेश अकबरी और चिराग काकड़िया के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।



