
सूरत। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए लेबर कोड तथा टेक्सटाइल उद्योग पर जीएसटी दर बढ़ाने के निर्णय के खिलाफ सूरत में मजदूर संगठनों और टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और नए श्रम कानून वापस लेने की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन के नेतृत्व में मजदूर संगठनों ने नए लेबर कोड के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने ‘नए लेबर कोड वापस लो’ के नारे लगाते हुए कहा कि ये कानून श्रमिकों के हितों के विरुद्ध हैं और उनके अधिकारों को कमजोर करते हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि नए कानूनों के तहत कॉन्ट्रैक्ट प्रथा को बढ़ावा मिलने से श्रमिकों का शोषण बढ़ेगा तथा उन्हें रोजगार सुरक्षा और उचित सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी। मजदूर संगठनों ने कॉन्ट्रैक्ट प्रणाली समाप्त करने तथा श्रमिक हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
इस दौरान सुरत टेक्सटाइल यूनाइटेड काउंसिल ने भी टेक्सटाइल पर जीएसटी दर में वृद्धि का कड़ा विरोध जताया। काउंसिल के सचिव जयमीन देसाई ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग पर जीएसटी बढ़ाने का निर्णय उद्योग और व्यापार दोनों के लिए नुकसानदायक साबित होगा। उन्होंने बताया कि जीएसटी दर बढ़ने से सबसे अधिक प्रभाव छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। सूरत का टेक्सटाइल उद्योग लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है, ऐसे में कर भार बढ़ने से पूरे उद्योग पर आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका है तथा बाजार में मंदी का माहौल भी बन सकता है।
मजदूर संगठनों और टेक्सटाइल काउंसिल के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा जीएसटी बढ़ोतरी और श्रमिक विरोधी नीतियों को वापस नहीं लिया गया तो आगामी दिनों में संयुक्त रूप से उग्र आंदोलन किया



