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अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग खुलने से बनारसी साड़ी, कालीन और सिल्क उत्पादों के निर्यात में होगी वृद्धि : राजेश कुमार सिंह

ईरान-अमेरिका युद्ध विराम से उद्योगों को राहत, परिवहन लागत घटने और निर्यात बढ़ने की उम्मीद

सूरत/वाराणसी। लघु उद्योग भारती काशी प्रांत की बैठक पनाया, मकबूल आलम रोड, वाराणसी में आयोजित की गई, जिसमें ईरान-अमेरिका युद्ध विराम (सीज फायर) के बाद उद्योगों पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उद्योग जगत से जुड़े पदाधिकारियों और उद्यमियों ने वैश्विक व्यापार मार्ग खुलने से निर्यात बढ़ने की उम्मीद जताई।
लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव राजेश कुमार सिंह ने ईरान-अमेरिका युद्ध विराम का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ महीने से ईंधन संकट के कारण उद्योगों पर अतिरिक्त लागत का दबाव बढ़ गया था। युद्ध विराम के बाद कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने लगी है, जिससे परिवहन और लॉजिस्टिक लागत में कमी आने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के सुरक्षित होने की उम्मीद से समुद्री व्यापार फिर से सुचारू होगा, जिससे तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बेहतर होगी। इससे उद्योग जगत को राहत मिलेगी और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता आने की संभावना है।
राजेश कुमार सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग सुरक्षित होने से बनारसी साड़ी, टेक्सटाइल, सिल्क उत्पादों और हस्तशिल्प के निर्यात में वृद्धि की उम्मीद है। इससे काशी क्षेत्र के बुनकरों, कारीगरों और उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा।
बैठक में लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रमुख कालीन निर्माता दीनानाथ बरनवाल ने भी युद्ध विराम का स्वागत करते हुए कहा कि परिवहन मार्ग खुलने से भाड़ा दरों में नरमी आएगी। इससे भदोही और वाराणसी से होने वाले कालीन और हस्तशिल्प निर्यात की लागत घटेगी और मध्य पूर्व के बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
उन्होंने कहा कि ईरान के माध्यम से मध्य पूर्व देशों तक बेहतर व्यापार मार्ग खुलने से काशी और भदोही के कालीन, सिल्क और हस्तशिल्प उत्पादों की मांग में वृद्धि होगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि ईंधन सरचार्ज कम होने से हवाई माल भाड़ा और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की लागत कम होने की संभावना है, जिससे विदेशों में माल भेजना सस्ता होगा और निर्यात को गति मिलेगी।
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि युद्ध विराम के बाद वैश्विक बाजार में स्थिरता आने से छोटे और मध्यम उद्योगों को नया अवसर मिलेगा और बनारस सहित देश के टेक्सटाइल एवं हस्तशिल्प उद्योग को बड़ा लाभ होगा।

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