
सूरत, ता. 7
सूरत शहर में वर्ष 2009 में टेक्सटाइल फर्म से लाखों रुपए की हेराफेरी कर फरार हुआ अकाउंटेंट आखिरकार 16 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी ने पहचान बदलकर ड्राइवर का काम शुरू कर दिया था और लंबे समय तक अलग-अलग राज्यों में छिपकर रहकर पुलिस को चकमा देता रहा, लेकिन आखिरकार पुलिस की तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, महिधरपुरा क्षेत्र में वर्ष 2009 में टेक्सटाइल एजेंसी में अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत सोहनलाल बिश्नोई ने अपने मालिक का विश्वास तोड़ते हुए 3.60 लाख रुपए की हेराफेरी की थी। आरोपी के पास ऑफिस के कैश और चेक की जिम्मेदारी थी, जिसका फायदा उठाकर उसने रकम गबन की और रातोंरात सूरत से फरार हो गया।
इस मामले में महिधरपुरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कर आरोपी के खिलाफ वारंट भी जारी किया गया था, लेकिन वह लगातार पुलिस से बचता रहा। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अकाउंटेंट की नौकरी छोड़ ड्राइविंग शुरू कर दी और गुजरात, राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में पहचान छिपाकर रहने लगा।
हाल ही में जोन-5 एलसीबी टीम को सूचना मिली कि आरोपी उत्तर गुजरात और राजस्थान के बीच ड्राइवर के रूप में काम कर रहा है। इसके बाद पुलिस ने महेसाणा-पालनपुर हाईवे स्थित एक होटल के पास निगरानी रखकर जाल बिछाया और आरोपी को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी सोहनलाल बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले का निवासी है। फिलहाल उसे आगे की कार्रवाई के लिए महिधरपुरा पुलिस को सौंप दिया गया है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपी ने कहीं और भी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया है या नहीं।



