businessTextileसूरत सिटी

विश्व संकट के बीच सूरत कपड़ा बाजार डगमगाया, श्रमिक पलायन और महंगाई से व्यापारियों में चिंता

आढ़तिया एसोसिएशन की बैठक में ओपन रेट पॉलिसी, ब्लैकलिस्ट व्यापारियों से दूरी और सख्त कार्रवाई की चेतावनी

सूरत। विश्व स्तर पर उत्पन्न हो रहे युद्ध और आर्थिक संकट का असर अब सूरत के कपड़ा बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। आढ़तिया एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल द्वारा राजहंस इंपीरिया में आयोजित बैठक में सूरत कपड़ा बाजार के सामने खड़ी गंभीर परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि जिस प्रकार जीवन में जल और देश की अर्थव्यवस्था के लिए पेट्रोल-डीजल आवश्यक है, उसी प्रकार वर्तमान हालात में इन संसाधनों की अनिश्चितता के कारण व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। परिवहन लागत बढ़ने, कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि और बाजार में अनिश्चितता के चलते व्यापारियों में भय का माहौल बन गया है।
सबसे बड़ी चिंता का विषय श्रमिकों का पलायन बनता जा रहा है। उत्पादन इकाइयों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है, जिससे सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री की गति धीमी होती नजर आ रही है। वहीं सभी रेट में भारी बढ़ोतरी के कारण बाजार असमंजस की स्थिति में पहुंच गया है।
बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण सुझाव भी सामने आए। विशेष रूप से ओपन रेट पॉलिसी अपनाने पर जोर दिया गया। साथ ही आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन ने पेमेंट में देरी करने वाले और ब्लैकलिस्ट किए गए व्यापारियों को कपड़ा न भेजने की सख्त सलाह दी।
एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई व्यापारी प्रतिबंधित या धोखेबाज व्यापारियों को माल भेजता है तो उसे होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी स्वयं की होगी। साथ ही यह भी कहा गया कि जो सप्लायर प्रतिबंधित व्यापारियों के साथ व्यापार करेंगे, उन्हें भी प्रतिबंधित व्यापारी का सहयोगी माना जाएगा और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी कहा गया कि सूरत का कपड़ा बाजार हमेशा सामूहिक निर्णयों का सम्मान करता आया है और आढ़तिया एसोसिएशन व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए सदैव खड़ी रही है। वर्तमान परिस्थितियों में सभी व्यापारियों से एकजुट होकर सावधानीपूर्वक व्यापार करने की अपील की गई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button