
सूरत। सरथाणा क्षेत्र में एमडी ड्रग्स के साथ पकड़े गए एक राजस्थानी युवक को कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की सख्त कैद की सजा सुनाई है। वहीं, पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण मामले में शामिल तीन अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
मामले की जानकारी के अनुसार राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल तहसील स्थित दांतीवास गांव निवासी प्रवीणकुमार बलवंतराम वाना (बिश्नोई) के राजस्थान से ड्रग्स लेकर सूरत आने की सूचना पुणा पुलिस को मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने सरथाणा स्थित नवजीवन होटल के पास निगरानी रखी और कार्रवाई करते हुए आरोपी को करीब 5.85 लाख रुपये मूल्य के एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि ड्रग्स का यह जखीरा राजस्थान निवासी आशुराम रायचंद खीलेरी द्वारा भेजा गया था, जिसे सूरत में सरथाणा नवजीवन होटल के पास कविता रो हाउस में रहने वाले जैमिन छगनभाई सवाणी, अमरोली कोसाड आवास निवासी फैजल अब्बास पटेल तथा इमरान महेबूब शेख को पहुंचाना था। पुलिस ने बयान के आधार पर चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर सभी को गिरफ्तार किया था।मामले की सुनवाई सूरत की नारकोटिक्स स्पेशल कोर्ट में हुई, जहां सरकारी वकील जितेंद्र पारडीवाला ने आरोप साबित करने के लिए दलीलें पेश कीं। बचाव पक्ष ने आरोपी प्रवीणकुमार के बी.एड. तक शिक्षित होने और परिवार की जिम्मेदारी होने का हवाला देते हुए रिहाई की मांग की।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने राष्ट्रविरोधी गंभीर अपराध किया है और ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने प्रवीणकुमार को 10 वर्ष की सख्त कैद तथा 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
हालांकि, अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित नहीं होने पर उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।




