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सूरत के 10 हजार से ज्यादा वीविंग यूनिट गैस की कमी से प्रभावित

इजरायल-ईरान संघर्ष का असर टेक्सटाइल उद्योग पर, कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी से उत्पादन प्रक्रिया धीमी

सूरत।वैश्विक स्तर पर जारी इजरायल-ईरान संघर्ष का सीधा असर अब सूरत के आर्थिक आधार माने जाने वाले टेक्सटाइल उद्योग पर दिखाई देने लगा है। खाड़ी देशों में बढ़ती अस्थिरता के कारण गैस सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे सूरत के वीविंग उद्योग में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी कमी पैदा हो गई है। खास तौर पर ट्विस्टेड यार्न का उपयोग करने वाले लगभग 10 हजार वीविंग यूनिट इस संकट से सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
वीविंग उद्योग में कपड़ा तैयार करने से पहले यार्न (धागे) पर विशेष प्रक्रिया करना जरूरी होता है। वीवर अग्रणी अशोक जीरावाला के अनुसार, 1200 RPM से अधिक स्पीड वाली मशीनों पर कपड़ा बनाने से पहले यार्न को गर्मी (हीट) देना आवश्यक होता है। इस प्रक्रिया के बिना उच्च गुणवत्ता वाला कपड़ा तैयार करना संभव नहीं है।
वर्तमान में गैस की कमी के कारण यह हीटिंग प्रक्रिया बाधित हो रही है, जिससे उत्पादन की गति धीमी पड़ गई है और उद्योग पर दबाव बढ़ रहा है।
दक्षिण गुजरात वीविंग इंडस्ट्री के चेयरमैन अशोक जीरावाला ने बताया कि सूरत में करीब 55 हजार वीविंग यूनिट संचालित हैं। इनमें से सभी यूनिट्स में भाप (स्टीम) का उपयोग नहीं होता, लेकिन लगभग 30 प्रतिशत यूनिट्स ऐसे हैं जहां ट्विस्टेड यार्न का उपयोग किया जाता है और वहां स्टीम देना अनिवार्य होता है।
इस हिसाब से करीब 10 हजार वीविंग यूनिट गैस की कमी के कारण बड़े पैमाने पर प्रभावित होने की आशंका है, जिससे सूरत के टेक्सटाइल उद्योग के उत्पादन और कारोबार पर असर पड़ सकता है।

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