सोमवार से कमर्शियल गैस सप्लाई में 20% बढ़ोतरी, आवश्यक सेवाओं को मिलेगी राहतह
केंद्र सरकार के फैसले से होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल और सामुदायिक रसोई को प्राथमिकता; काला बाजारी पर सख्ती

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते देश में उत्पन्न ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार ने कमर्शियल LPG गैस सप्लाई को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने शनिवार (21 मार्च) को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए कमर्शियल गैस के कोटे में 20% वृद्धि की घोषणा की है। इस फैसले के बाद 23 मार्च से राज्यों को गैस की आपूर्ति संकट से पहले के स्तर के लगभग 50% तक पहुंचने लगेगी।
सरकार का मुख्य उद्देश्य होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, ढाबे, इंडस्ट्रियल कैंटीन और सामुदायिक किचन जैसी जरूरी सेवाओं को सुचारू रूप से जारी रखना है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार बढ़ा हुआ गैस कोटा उन क्षेत्रों में पहले भेजा जाएगा जहां इसकी अधिक आवश्यकता है। साथ ही श्रमिकों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को विशेष प्राथमिकता देते हुए कुल कमर्शियल LPG सप्लाई का लगभग 50% हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों को आवंटित किया जा रहा है। इसके अलावा सरकार ने दीर्घकालिक समाधान के रूप में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी शुरू की है।
मंत्रालय के अनुसार अब तक 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने नॉन-डोमेस्टिक LPG सप्लाई के लिए ऑर्डर जारी कर दिए हैं और सरकारी तेल कंपनियां अन्य क्षेत्रों में भी आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं। पिछले एक सप्ताह में देशभर में करीब 13,479 मीट्रिक टन कमर्शियल LPG की सप्लाई की गई है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू रसोई गैस और PNG की सप्लाई पर किसी भी तरह का असर नहीं पड़ेगा और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, गैस की कमी का फायदा उठाकर काला बाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में 3,500 से अधिक छापेमारी की गई, जिसमें लगभग 1,400 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। सप्लाई चेन को दुरुस्त रखने के लिए 2,000 से अधिक पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों पर सरप्राइज जांच भी की गई है।



