
सूरत। कोरोना महामारी के दौरान एन-95 मास्क की खरीद के नाम पर 27.92 लाख रुपये की ठगी करने और बाद में दिया गया चेक बाउंस होने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने चेक की पूरी राशि शिकायतकर्ता को वसूली के रूप में चुकाने का आदेश भी दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, कडोदरा-बारडोली रोड स्थित जय सिद्धनाथ महादेव टेक्सटाइल के संचालक आरोपी अरविंदभाई भायाणी का अप्रैल-2020 में अंकुर गोयल से संपर्क हुआ था। आरोपी ने एन-95 मास्क उपलब्ध कराने का भरोसा देकर अंकुर गोयल से 27.92 लाख रुपये ले लिए, लेकिन तय समय पर मास्क की आपूर्ति नहीं की। पैसे की मांग करने पर आरोपी ने चेक दिया, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गया।
इसके बाद अंकुर गोयल ने एडवोकेट नरेश गोहिल के माध्यम से सूरत कोर्ट में चेक रिटर्न की शिकायत दर्ज कराई। सुनवाई के दौरान आरोपी अरविंदभाई बार-बार कोर्ट में अनुपस्थित रहा, जिससे कोर्ट ने केस खारिज करने की मौखिक टिप्पणी भी की थी।
इस दौरान जानकारी सामने आई कि आरोपी ने अंकलेश्वर की एक बैंक से करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का लोन लिया था, जिसमें उसकी पत्नी को गारंटर बताया गया था। इस जानकारी के बाद कोर्ट ने पुनः समन जारी किया। पुलिस की मदद से आरोपी को उसके घर से पकड़कर कोर्ट में पेश किया गया।
कोर्ट ने आरोपी की जमानत मंजूर करते हुए 15 हजार रुपये कोर्ट में जमा कराने का आदेश दिया था। हालांकि जेल से रिहा होने के बाद आरोपी ने रकम जमा नहीं कराई और फिर से फरार हो गया।
अंततः मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने आरोपी अरविंदभाई भायाणी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष की सजा सुनाई और चेक की पूरी राशि शिकायतकर्ता को चुकाने का आदेश




