
झांसी/सूरत: उत्तर प्रदेश के झांसी निवासी कपड़ा व्यापारी सुरेश कुमार बद्रीप्रसाद गुप्ता को 68 लाख रुपये के चेक रिटर्न (बाउंस) से जुड़े कुल 7 मामलों में कोर्ट ने निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, सुरेश कुमार गुप्ता पहले “सागर सिलेक्शन” नामक फर्म में सेल्समैन के रूप में कार्यरत थे। बाद में उनके पूर्व मालिक आशिष कुमार श्यामलाल अग्रवाल वर्ष 2008 में झांसी से सूरत आकर बस गए और झांसी स्थित फर्म का संचालन गुप्ता को सौंप दिया। इसके बाद गुप्ता ने “निशांत ट्रेडर्स” नाम से अपना अलग कपड़ा व्यवसाय शुरू किया।
आरोप था कि गुप्ता ने अपने पूर्व मालिक से व्यवसाय शुरू करने के लिए 68 लाख रुपये उधार लिए थे और इसके बदले उन्होंने “निशांत ट्रेडर्स” के नाम से चेक दिए। जब ये चेक बैंक में जमा किए गए तो सभी “Payment Stopped by Drawer” टिप्पणी के साथ लौट आए। इस पर शिकायतकर्ता ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत कुल 7 मामले दर्ज कराए।
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता विरल मेहता ने दलील दी कि 68 लाख रुपये की राशि देने का कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किया गया। इतनी बड़ी रकम नकद देने के कोई दस्तावेज या हिसाब-किताब भी पेश नहीं किया गया। साथ ही, कथित चेक वर्ष 2008 की श्रृंखला के पाए गए और उस समय के बाद लंबे समय तक कोई कानूनी कार्रवाई भी नहीं की गई, जिससे मामले पर संदेह उत्पन्न होता है।
अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि शिकायतकर्ता आरोपों को साबित करने में असफल रहा है। पर्याप्त साक्ष्य और दस्तावेजों के अभाव में कोर्ट ने आरोपी सुरेश कुमार गुप्ता को सभी 7 मामलों में बरी कर दिया।
इस मामले में आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विरल मेहता ने पैरवी की।



