
सूरत। सदर्न गुजरात चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) ने खाड़ी (गल्प) क्षेत्र में चल रही युद्ध जैसी स्थिति और मार्च में समाप्त हो रहे वित्तीय वर्ष 2025–26 को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार से गुजरात टेक्सटाइल पॉलिसी के तहत औद्योगिक इकाइयों को मिलने वाली लंबित सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि का तत्काल भुगतान करने की मांग की है।
इस संबंध में चेंबर के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्षभाई संघवी और वित्त मंत्री कनुभाई देसाई को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
चेंबर ने अपने पत्र में कहा है कि सूरत सहित पूरे दक्षिण गुजरात के आर्थिक विकास में टेक्सटाइल उद्योग मुख्य आधारस्तंभ है। यह उद्योग रोजगार सृजन, निर्यात और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गुजरात टेक्सटाइल पॉलिसी के तहत मिलने वाले विभिन्न प्रोत्साहनों को ध्यान में रखते हुए कई टेक्सटाइल इकाइयों ने आधुनिक तकनीक अपनाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है।
हालांकि वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में चल रही युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण टेक्सटाइल उद्योग को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार का माहौल प्रभावित हुआ है, जिससे निर्यात के ऑर्डर, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और बाजार की स्थिरता पर नकारात्मक असर पड़ा है।
चेंबर ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि टेक्सटाइल पॉलिसी के तहत औद्योगिक इकाइयों को मिलने वाली बकाया सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि का जल्द भुगतान किया जाए। समय पर भुगतान से उद्योगों को मौजूदा परिस्थितियों में आवश्यक वित्तीय तरलता (लिक्विडिटी) मिल सकेगी और वे अपनी आर्थिक जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा पाएंगे।
चेंबर अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने कहा कि यदि राज्य सरकार इस दिशा में शीघ्र और सकारात्मक कदम उठाती है, तो टेक्सटाइल उद्योग का विश्वास और मजबूत होगा तथा सूरत और दक्षिण गुजरात के आर्थिक विकास में इसका योगदान लगातार बना रहेगा।



