
सूरत,। सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री से देशभर के युवाओं को परिचित कराने के उद्देश्य से गुरुवार को संकल्प डाइंग एंड प्रिंटिंग मिल में 17वें ट्राइबल यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के अंतर्गत औद्योगिक भ्रमण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 250 ट्राइबल युवाओं ने सूरत के औद्योगिक विकास को नजदीक से देखा और टेक्सटाइल उद्योग की आधुनिक कार्यप्रणाली को समझा।
यह कार्यक्रम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “माय भारत” विजन के अंतर्गत मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स तथा मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के एएसओ संदीप कुमार एवं माय भारत के डिप्टी डायरेक्टर सचिन शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
औद्योगिक भ्रमण के दौरान युवाओं को सूरत में बनने वाले विभिन्न टेक्सटाइल उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। मिल के अधिकारियों द्वारा डाइंग, प्रिंटिंग और फिनिशिंग की आधुनिक तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिससे प्रतिभागियों को टेक्सटाइल उद्योग की तकनीकी दक्षता और उत्पादन क्षमता का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर फोस्टा अध्यक्ष एवं संकल्प डाइंग एंड प्रिंटिंग मिल के डायरेक्टर कैलाश हाकिम ने युवाओं को संबोधित करते हुए शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को जीवन की सफलता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री केवल व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र नहीं, बल्कि लाखों लोगों को रोजगार प्रदान कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछकर उद्योग से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। इस भ्रमण से प्रतिभागियों को ‘सिल्क सिटी’ सूरत की औद्योगिक पहचान, उत्पादन व्यवस्था और संगठित औद्योगिक ढांचे की गहन समझ मिली। आयोजन ने सूरत के औद्योगिक विकास के साथ गुजरात की अतिथि परंपरा की सकारात्मक छवि को भी मजबूत किया।
इस अवसर पर फोस्टा अध्यक्ष कैलाश हाकिम, संकल्प डाइंग एंड प्रिंटिंग मिल के डायरेक्टर आलोकभाई एवं पार्थभाई, एसजीसीसीआई से मनीष कापड़िया और परेश लाठिया सहित कई उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम को युवाओं के लिए प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक पहल बताया गया।




