
गांधीनगर। गुजरात में नगरपालिका और पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य चुनाव आयोग द्वारा 26 मार्च को चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने की संभावना है। विधानसभा सत्र समाप्त होने के अगले ही दिन आचार संहिता लागू हो सकती है, इसलिए सरकार और सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू होने के बाद पहली बार राज्य की 394 स्थानीय स्वराज संस्थाओं में चुनाव कराए जाएंगे। इनमें 6 पुरानी और 9 नई मिलाकर कुल 15 महानगर पालिकाएं, 83 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 262 तालुका पंचायतें शामिल हैं।
चुनाव से पहले राज्य सरकार द्वारा हाल के दिनों में शहरी विकास योजनाओं, सड़कों, पानी की आपूर्ति और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई घोषणाएं की गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन घोषणाओं को चुनावी तैयारियों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी ने संगठन स्तर पर बैठकों का दौर शुरू कर दिया है और जिला व शहर स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाया जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में नए चेहरों को मौका देने की भी चर्चा चल रही है।
वहीं कांग्रेस ने भी नगरपालिका और नगर पंचायत चुनाव को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार चयन प्रक्रिया तेज कर दी है। पार्टी युवा और स्थानीय स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को अधिक अवसर देने पर जोर दे रही है। कुछ क्षेत्रों में स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखकर अभियान शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
आम आदमी पार्टी ने भी घोषणा की है कि वह 20 मार्च तक अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगी।



