
सूरत। वस्तादेवड़ी स्थित वीर प्रभु इंडस्ट्रियल एस्टेट के तीन लूम संचालकों से 43.27 लाख रुपये की ठगी के मामले में महिधरपुरा पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए कपड़ा दलाल को गिरफ्तार किया है। इससे पहले मुख्य आरोपी व्यापारी को भी पुलिस पकड़ चुकी है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पार्ले प्वाइंट क्षेत्र के नंदीश्वरदीप अपार्टमेंट में रहने वाले व्यापारी तरुण मूलचंद जैन वस्तादेवड़ी रोड पर स्थित अंजारिया वाड़ी के वीर प्रभु इंडस्ट्रियल एस्टेट के प्लॉट नंबर 10 में “अरहम आर्ट्स” नाम से लूम चलाते हैं और ग्रे कपड़े का कारोबार करते हैं।
मुंबई के मालाड वेस्ट और कांदिवली वेस्ट इलाके में “दर्शन ड्रेसीज प्रा. लि.” नाम से फर्म चलाने वाले व्यापारी प्रवीण जी. सीमरिया और उनके पुत्र अमित व मेहुल ने मुंबई के कपड़ा दलाल रमेश मेहता के माध्यम से सूरत के लूम संचालकों से कपड़ा खरीदना शुरू किया। शुरुआत में आरोपियों ने समय पर भुगतान कर व्यापारियों का विश्वास जीत लिया।
विश्वास कायम होने के बाद आरोपियों ने 25 नवंबर 2022 से 27 फरवरी 2023 के बीच बड़ी मात्रा में कपड़ा खरीदा और भुगतान किए बिना फरार हो गए। इस दौरान
तरुण जैन से 19,18,146 रुपये का पॉलिस्पन कपड़ा,
मिहिर महेंद्र कढ़ीवाला से 14,74,148 रुपये का माल,
वरुण विजय सिंह जैन से 9,35,058 रुपये का कपड़ा खरीदा गया।
इस प्रकार तीनों व्यापारियों से कुल 43,27,352 रुपये की ठगी की गई।
काफी समय तक भुगतान न मिलने पर पीड़ित व्यापारी तरुण जैन ने 21 दिसंबर 2025 को महिधरपुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रवीण सीमरिया, उनके दोनों पुत्रों और दलाल समेत चार आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 409 (आपराधिक न्यासभंग) और 120(बी) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया।
जांच के दौरान पीएसआई बी.बी. कातरिया की टीम ने पहले आरोपी मेहुल प्रवीणचंद्र सीमरिया (49) को गिरफ्तार किया था। इसके बाद हाल ही में मुंबई के मालाड वेस्ट निवासी कपड़ा दलाल रमेशभाई कनराज मेहता (68) को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं तथा ठगी की रकम की वसूली के लिए भी कार्रवाई की




