
सूरत।लक्ष्मी ग्रुप पर हुई आयकर छापेमारी के बाद टैक्स चोरी और हवालाकांड की गंभीर कड़ियाँ सामने आने लगी हैं। इस जांच की आंच अब मिलेनियम मार्केट-3 तक पहुँचती नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में दुकान बुक कराने वाले लगभग 800 व्यापारियों पर आयकर विभाग की कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
जांच में सामने आया है कि मिलेनियम-3 प्रोजेक्ट की कुल 1250 दुकानों में से करीब 800 दुकानों की बुकिंग के दौरान व्यापारियों से लगभग 1000 करोड़ रुपये की ब्लैक मनी वसूली गई। बताया जा रहा है कि बुकिंग के समय ब्लैक रकम का पूरा हिसाब रखने वाली डायरी भी व्यापारियों को दी गई थी।
आयकर विभाग को मिलेनियम-3 के दलालों — आशीष, राजकुमार, दीपक, सुशील, अंकुर और तरुण — के व्हाट्सएप चैट्स से ब्लैक मनी, बुकिंग और डायरियों से जुड़े अहम सबूत मिले हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मिलेनियम-2 और मिलेनियम-4 की दुकानों से हुए मुनाफे का एक हिस्सा हवालामार्ग के जरिए हांगकांग निवासी राकेश गजेरा को निवेश के रूप में दिखाया गया। इसी ब्लैक मनी से मिलेनियम-3 के लिए जमीन खरीदी गई और शेष रकम हवालामार्ग से विदेश भेजी गई। साथ ही, प्रवीण भूत की 43 प्रतिशत हिस्सेदारी भी राकेश गजेरा के नाम ट्रांसफर कर दी गई।
ब्रोकर्स द्वारा जब 800 दुकानों की बुकिंग से जुड़े पूरे विवरण आयकर विभाग को सौंप दिए गए, तभी मिलेनियम-3 में ब्लैक मनी का बड़ा खेल उजागर हो सका। अब इस प्रोजेक्ट में दुकान बुक कराने वाले व्यापारियों पर आयकर विभाग की सख्त कार्रवाई होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।




