
सूरत। लिंबायत क्षेत्र में गारमेंट निर्माण कर ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री करने वाले व्यापारी के साथ 1.46 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि ऑनलाइन ऑर्डर के बाद लौटे पार्सलों को ई-कार्ट और फ्लिपकार्ट लॉजिस्टिक्स के डिलीवरी विभाग के कर्मचारियों ने वापस देने के बजाय अन्य लोगों को बेचकर गबन कर लिया।
लिंबायत पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वराछा रोड स्थित तपसील सोसायटी के पीछे ग्रीन पार्क सोसायटी में रहने वाले रूपेशभाई प्रागजीभाई देसाई लिंबायत फायर स्टेशन के पास नारायण नगर-2 में खातानंबर 50-51 पर “चांसी ट्रेंड्स” नाम से व्यवसाय करते हैं। वे ड्रेस, चणिया-चोली, गाउन, साड़ी आदि गारमेंट तैयार कर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बिक्री करते हैं।
ऑनलाइन बिक्री के लिए उनकी फर्म का मैंत्रा डिज़ाइन प्रा. लि. के साथ करार है। इस करार के तहत ऑनलाइन मिलने वाले ऑर्डर का माल ई-कार्ट और फ्लिपकार्ट लॉजिस्टिक्स का स्टाफ उनके गोदाम से उठाता है और ग्राहकों द्वारा रिटर्न किए गए पार्सल वापस जमा कराता है।
कुछ समय से स्टॉक में कमी दिखाई देने पर व्यापारी ने सितंबर 2023 से नवंबर 2025 तक का विस्तृत मिलान किया। जांच में पता चला कि कुल 1,46,45,919 रुपये का गारमेंट माल वापस जमा नहीं हुआ। इसके बाद की जांच में सामने आया कि रिटर्न किए गए पार्सलों को लॉजिस्टिक्स कर्मचारियों ने वापस करने के बजाय अन्य लोगों को बेच दिया था।
इस संबंध में व्यापारी रूपेशभाई देसाई ने लिंबायत पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में ई-कार्ट लॉजिस्टिक्स के टीम लीडर मनोज साईं और पिकअप बॉय पंकज के अलावा फ्लिपकार्ट लॉजिस्टिक्स के सुपरवाइजर पवन पांडे, टीम लीडर निलेश पांडे और पिकअप बॉय साहिल को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच पीएसआई जी. वी. दीहोरा कर रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ठगी में अन्य लोग या कोई बड़ा नेटवर्क शामिल तो नहीं है।



