गांधीनगर, 16 फरवरी। गुजरात विधानसभा के बजट सत्र का आज विधिवत शुभारंभ हुआ। सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट देखने को मिली।
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस विधायकों ने जनता के ज्वलंत मुद्दे उठाते हुए सरकार को घेरने का प्रयास किया। इस दौरान सदन में नारेबाजी भी हुई। विपक्ष ने खासतौर पर किसानों का कर्ज माफ करने और सरकारी विभागों में चल रहे आउटसोर्सिंग सिस्टम को बंद कर स्थायी भर्ती करने की मांग उठाई। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता और किसानों के मुद्दों के प्रति उदासीन है।
लंबे समय बाद विधानसभा में उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ। कांग्रेस उम्मीदवार शैलेष परमार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उपाध्यक्ष का पद परंपरागत रूप से विपक्ष को दिया जाता रहा है, लेकिन भाजपा ने यह परंपरा तोड़ दी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) में भी विपक्ष को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया।
इस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने तटस्थ रहने का फैसला किया। ‘आप’ नेता चैतर वसावा ने कहा कि परिणाम पहले से तय है और कांग्रेस ने उनसे समर्थन भी नहीं मांगा। उन्होंने आशंका जताई कि अगर कांग्रेस विधायकों में क्रॉस वोटिंग होती है तो उसका ठीकरा ‘आप’ पर फोड़ा जा सकता है, इसलिए उनकी पार्टी मतदान प्रक्रिया से दूर रही।
चुनाव में सूरत शहर के विधायक और पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी बहुमत से गुजरात विधानसभा के नए उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। इससे सूरत में भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व उपाध्यक्ष जेठाभाई भरवाड़ के इस्तीफे के बाद यह पद रिक्त था, जिसके बाद यह चुनाव कराया गया।




