
सूरत।सूरत की अदालत ने चेक रिटर्न के एक मामले में जापान मार्केट से जुड़े व्यापारी जीवन प्रदीपपुरी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष की साधारण कैद और 5,30,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माने की राशि में से 5,20,000 रुपये शिकायतकर्ता को मुआवजे के रूप में अदा करने का आदेश भी दिया है।
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता सचिनभाई शंभूभाई पंसारी, जो न्यू टेक्सटाइल मार्केट, रिंग रोड, सूरत में सचिन सिंथेटिक्स के साझेदार हैं, कपड़ा व्यापार करते हैं। आरोपी जीवन प्रदीपपुरी आढ़तिया का कार्य करता था। शिकायतकर्ता के विश्वास पर आरोपी ने अमृतसर (पंजाब) की विभिन्न पार्टियों को 10,66,758 रुपये मूल्य का कपड़ा उधार में भिजवाया।
जांच में सामने आया कि संबंधित पार्टियों ने खरीदे गए माल की पूरी राशि आरोपी जीवन प्रदीपपुरी को चुका दी थी, लेकिन आरोपी ने वह रकम शिकायतकर्ता को नहीं दी और टालमटोल करता रहा। पूछताछ पर आरोपी ने स्वीकार किया कि प्राप्त राशि वह खर्च कर चुका है। बाद में समझौते के तहत आरोपी ने भुगतान के लिए कुल 12 चेक (राशि ₹4,76,758) दिए, लेकिन शिकायतकर्ता द्वारा बैंक में प्रस्तुत करने पर सभी चेक बाउंस हो गए।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपने वकील एडवोकेट हेमंत जरीवाला के माध्यम से निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स अधिनियम के तहत सूरत की अदालत में मुकदमा दायर किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन की दलीलों को स्वीकार करते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और उपरोक्त सजा व जुर्माना लगाया।
यह फैसला चेक रिटर्न मामलों में सख्त संदेश देने वाला माना जा रहा है।




